53. प्रत्यक्ष कार्रवाई पर संघ कार्यकारिणी का संकल्प केबिनेट मिशन द्वारा निर्दोष साक्ष्य की अनदेखी - Page 184

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पर आ गए थे और इस प्रकार प्रान्तीय विधान सभाओं के अनुसूचित जाति सदस्य किसी भी तरह अनुसूचित जाति का प्रतिनिधित्व नहीं करते, किन्तु वे सवर्ण हिन्दुओं के हाथों की कठपुतली हैं। संविधान सभा और सलाहकार समिति में अनुसूचित जातियों के प्रतिनिधित्व के लिए दोहरा उपबंध करने के बजाय, मिशन ने बिना खेद प्रकट किए इस अकाट्य साक्ष्य को अनदेखा किया है और किसी औचित्य के बिना गंभीर विश्वासघात करते हुए अनुसूचित जातियों को सवर्ण हिन्दुओं की दया पर छोड़ दिया है। कार्य-समिति मिशन को यह बताना चाहती है कि अनुसूचित जातियां न तो उनके तर्क से अथवा न ही उनकी नैतिक जिम्मेदारी के विचार से सहमत हैं।

  1. जहां तक केबिनेट मिशन का प्रस्ताव है कि मुस्लिम क्षेत्रों में गैर-मुस्लिम अल्पसंख्यकों को सुव्यवस्थित करके मुस्लिम बहुसंख्यकों को आजादी देते हुए अल्पसंख्यकों की समस्या हल की जाए और हिंदू क्षेत्रों में अनुसूचित जाति वर्गों सहित गैर-हिंदू अल्पसंख्यकों को सुव्यवस्थित किया जाए, केबिनेट मिशन की यह पूरी योजना ही विवादित है। कार्य-समिति को लगता है कि केबिनेट मिशन मुस्लिम समुदाय की सुरक्षा के लिए अपनी बड़ी चिन्ता दर्शाने के लिए यह योजना बना रहा है, किन्तु अनुसूचित जाति के हितों की सुरक्षा के लिए उसने कोई ध्यान नहीं दिया है। अपनी योजना के पैरा 15 में इस उपबंध के पीछे यह योजना बना रहा है, किन्तु अनुसूचित जाति के हितों की सुरक्षा के लिए उसने कोई ध्यान नहीं दिया है। अपनी योजना के पैरा 15 में केबिनेट मिशन ने उन मुद्दों का हवाला दिया है जो संविधान सभा की पहुंच से बाहर हैं। पैरा 15 में इस उपबंध के पीछे यह उद्देश्य है कि हिंदू समुदाय मुस्लिम समुदाय पर हावी न हो पाए। अनुसूचित जातियों को हिंदू जाति से जो डर है, वह इससे बड़ा है और वह डर मुस्लिम जाति के डर या जो डर उसे हो सकता है से कहीं अधिक वास्तविक है। अनुसूचित जाति इस बात पर जोर दे रही है कि केवल पृथक बस्तियों के उपबंध के माध्यम से प्रतिनिधित्व करके ही वे प्रभावी सुरक्षा पा सकते हैं। केबिनेट मिशन को इन मांगों और उनके समर्थन वाले समस्त साक्ष्यों की जानकारी थी। उपर्युक्त संदर्भित तरीके से हिंदू बहुमत के प्रभाव से मुक्त कराने की गारंटी के साथ केबिनेट मिशन ने पैरा 15 में दिए गए सिद्धांत का पालन करते हुए संविधान सभा की शक्तियों को और सीमित करते हुए यह निर्धारित किया कि अनुसूचित जाति को पृथक निर्वाचन क्षेत्रों के माध्यम से संविधान सभा में प्रतिनिधित्व का अधिकार मिलना चाहिए और उन्हें हिंदू बहुसंख्यकरों के प्रभाव से मुक्त कराने के लिए पृथक बस्तियों का एक कानूनी उपबंध होना चाहिए।

  2. कार्य-समिति ने पाया कि केबिनेट मिशन ने अपने दूसरे बयान में यह उपबंध किया था कि यूनाइटेड किंगडम और भारतीय संविधान सभा के बीच हुई संधि का अनुसमर्थन अल्पसंख्यकों सहित अनुसूचित जातियों की सुरक्षा के लिए तैयार किए