2 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
है। इसलिए, मेरा यह निश्चित मत है कि संप्रभुता के हस्तांतरण हेतु अधिनियम पारित करते समय संसद में जब बहस होगी, तो केवल इस तथ्य को ही मद्देनजर नहीं रखा जाएगा कि अल्पसंख्यकों के सुरक्षा उपायों के बारे में संविधान सभा का निर्णय बहुमत से लिया गया था, बल्कि सम्बन्धित अल्पसंख्यकों की वास्तविक आकांक्षाआें को जानने के लिए कुछ ठोस कदम भी उठाए जाएंगे।
यह पूछे जाने पर कि क्या वह संविधान सभा में शामिल होंगे? डॉ. अम्बेडकर ने कहा कि वह जरूर शामिल होंगे और आगे कहा : मैं अपने उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए संवैधानिक तरीके से कार्य करूँगा। जब सभी संवैधानिक तरीके समाप्त हो जाएँगे तो हम विचार करेंगे कि हम और कौन से साधन अपना सकते हैं।
दोपहर को डॉ. अम्बेडकर विमान से बम्बई रवाना हो गए।“ ख्1,
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1 द टाइम्स ऑफ इण्डिया, शनिवार दिनांक 16 नवम्बर, 1946
पुनर्मुद्रण : खैरमोडे, भाग 8 पृ. 142-143