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आज सायं ‘‘बॉम्बे क्रानिकल’’ के प्रतिनिधि के साथ हुई 60 मिनट की वार्ता में डॉ. भीम राव अम्बेडकर, अध्यक्ष, अखिल भारतीय अनुसूचित जाति संघ ने कहा कि उनकी यह धमकी कि उनके तरकश में कई तीर हैं, ‘‘सही’’ समय आने पर वे इतना घातक रूप धारण कर लेंगे, कि ‘‘ब्रिटिश सŸा की उŸाराधिकारी हिन्दू कांग्रेस’’ के किले को हिला देंगे।
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डॉ. अम्बेडकर ने कहा कि, ‘‘मैंने अभी तक अपनी पूरी शक्ति नहीं दिखाई। यह कल्पना नहीं करें कि हम पूना में कोई स्वांग कर रहे हैं। यह संघर्ष की केवल शुरुआत है जो दिन-प्रतिदिन उग्र और प्रचण्ड होता जाएगा तथा अंततः पूरे देश को हिला देगा’’।
अपनी शक्ति के विवरण का एक नमूना पेश करते हुए उन्होंने उल्लेख किया कि ‘‘उदाहरण के लिए, मैं और मेरे लोग आमरण अनशन तक कर सकते हैं’’।
यदि बम्बई शासन ने आवश्यक राशन का वादा किया होता तो लाखों ‘सत्याग्रही’ पूना जाने के लिए तैयार थे। यह संघर्ष शीघ्र ही अखिल भारतीय संघर्ष का रूप ले लेगा। पूना के प्रदर्शनों ने उनके लोगों की ‘‘अत्यधिक क्षमताओं’’ की एक झलक दिखाई।
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यह कहे जाने पर कि वे कांग्रेस के लिए हितकारी थे, डॉ. अम्बेडकर ने दावा किया कि यह उनके अधिकार क्षेत्र में है कि वे उस संगठन के प्रादुर्भाव को पूर्णतया नकार सकते हैं। उन्होंने दृढ़ता से कहा ‘‘क्या मैं और मेरा समुदाय मुस्लिम धर्म अपनाने का निर्णय नहीं लें सकते? यदि मैं श्री जिन्नाह का धर्म अपना लेता हूं, तो मुझे किसी भी तरह कोई हानि नहीं होगी, और वास्तव में, वे मुझे कार्यकारी परिषद में एक मुस्लिम सदस्य के रूप में नामित कर सकते हैं। मैंने यह तीखा कदम नहीं उठाया है क्योंकि मैं कांग्रेस को पूरी तरह नष्ट होने से बचाना चाहता हूं।’’
‘‘मैंने वह तीक्ष्ण काम करने का साहस क्यों नहीं किया?’’ डॉ. अम्बेडकर ने आगे कहा ‘‘ऐसा इसलिए क्योंकि मैं कांग्रेस को एक और मौका देना चाहता था। हमने जो लड़ाई आरंभ की है, उससे पता चलता है कि मेरे दल ने कम प्रतिरोध का रास्ता चुना है’’।