59. डॉ.अम्बेडकर का श्री एटली को लिखा गया विरोध पत्र - Page 222

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  1. इन परिस्थितयों में, मैं आप से यह उम्मीद करता हूँ कि आप मामले का पुनः अवलोकन करें और यह घोषणा करें कि अनुसूचित जाति एक महत्वपूर्ण अल्पसंख्यक समूह है जिससे कि संभावित खतरे को टाला जा सके।

  2. मुझे यह पढ़कर दुख पहुंचा है कि आपको ऐसी कोई उम्मीद नहीं है कि अनुसूचित जातियों को अंतरिम सरकार में दो सीटें भी मिल सकती हैं। मुझे इस मनाही का कोई औचित्य नज़र नहीं आता। अपनी संख्या के आधार पर और 1945 के पिछले शिमला सम्मेलन के समय दिए गए आश्वासनों की तुलना दोनों के कारण अनुसूचित वर्ग बेहतर व्यवहार के हकदार थे, जैसा इसकी तुलना में सिक्ख और अन्य छोटे अल्पसंख्यक वर्गों के साथ व्यवहार किया गया था। मेरी राय में मैंने जो दावा किया था वह न्यायोचित था।

सादर,

आपका

भीमराव अम्बेडकर

सŸा का हस्तांतरण जिल्द सं. 142 पृ. 221-23