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का कोटा था। वस्तुतः कांग्रेस अपने प्रत्येक उम्मीदवार के लिए जहां तक संभव हो प्रथम प्राथमिकता वाले कम से कम चार मत प्राप्त करने के लिए अपने मतदाताओं को संगठित करने का प्रयास करेगी। आनुपातिक चुनाव में ‘‘चुनाव में शीर्षस्थ’’ वाक्य का वास्तव में कोई अर्थ नहीं है। कोई भी इससे इंकार नहीं कर सकता कि बंगाल के दलित वर्गों में डॉ. अम्बेडकर का प्रभाव है। बंगाल विधान सभा में अनुसूचित जाति के पच्चीस सदस्य हैं, जिनमें से चार आजाद उम्मीदवार बन गए है और एक डॉ. अम्बेडकर के उम्मीदवार के तौर पर खड़ा हुआ। मैं नहीं जानता कि संविधान सभा के चुनाव के लिए क्या सभी आजाद उम्मीदवारों ने डॉ. अम्बेडकर को मत दिया या उन्हें कुछ एंग्लों-इंडियन मत भी मिले।
डॉ. अम्बेडकर के पत्रा के पैरा 4 के संबंध में, मैं आश्वस्त हूं कि हम यह सार्वजनिक घोषणा नहीं कर सकते कि हम अनुसूचित जाति को एक अल्पसंख्यक वर्ग मानते हैं, और इसे अल्पसंख्यक सलाहकार समिति में प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। वास्तव में यह सही है कि पृथक राजनैतिक प्रतिनिधित्व को लेकर कांग्रेस उन्हें अल्पसंख्यक नहीं मानती, जबकि हम हमेशा ऐसा मानते रहे हैं। किन्तु हम इस स्थिति में नहीं हैं कि हम डॉ. अम्बेडकर के संगठन को अल्पसंख्यक सलाहकार समिति में प्रतिनिधित्व दिला सकें।
मैं डॉ. अम्बेडकर को उद्धार भिजवाना आवश्यक नहीं समझता किंतु यदि आपको ऐसा करना अधिक सौहार्दपूर्ण लगे तो मैं एक संक्षिप्त मसौदा संलग्न कर रहा हूं यदि यदि आप देखना चाहें, तो मैंने हाउस ऑफ कॉमन्स में प्रथम लार्ड और प्रेसिडेन्ट ऑफ दि बोर्ड ऑफ ट्रेड के भाषणों के उदाहरण भी संलग्न कर दिए हैं। मेरे भाषण में भी उक्त पत्र के समान किन्तु उससे तनिक छोटा पैरा दिया गया है।
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* मुद्रित नहीं है
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1ः सŸा का हस्तांतरण, खंड. VIII, सं.. VIII, सं. 250, पृ. 441-412