236 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
न्यासी बोर्ड में सभी समयों पर एक या अधिक सदस्य महार, चांमर, मांग और ढेड़ समुदायों के होंगे और उसका गठन ऐसा होगा कि उसमें 4 न्यासी कोंकण से, 2 गुजरात से, 2 कन्नड़ से और 8 बंबई प्रेसीडेन्सी के अन्य जिलों से होंगे।
सभी चल एवं अचल सम्पिŸा एवं निधियां न्यासियों के नाम पर होंगी।
प्रबंध परिषद् आगामी वर्ष में किए जाने वाले व्यय का ब्यौरा समुचित सुविधापूर्वक प्रमुख और लघु शीर्षों के अंतर्गत वार्षिक व्यय बजट में प्रस्तुत करेगी और वह न्यासियों द्वारा पारित रूप में प्रवर्तनशील होगा। परन्तु प्रबंध परिषद् वर्ष के दौरान किसी भी समय अनुपूरक बजट पेश कर सकती है।
न्यासी वार्षिक बजट पारित करने के प्रयोजन के लिए सभा के पूर्व शासकीय वर्ष समाप्त होने के तीन माह के भीतर वर्ष में कम-से-कम एक बार मिलेंगे और प्रबंध परिषद् की मांग पर अनुपूरक बजट पारित करने के लिए जितनी भी बार आवश्यक हो एकत्र होंगे। न्यासी बोर्ड की सभी बैठकों में बहुमत अभिभावी होगा।
न्यासी बोर्ड की समस्त बजट बैठकों में परिषद् का सभापति, प्रधान सचिव और कोषाध्यक्ष अतिरिक्त सदस्य के रूप में भाग लेंगे। परंतु उनमें से किसी को भी मत देने का अधिकार नहीं होगा जब तक कि वे स्वयं न्यासी न हों।
न्यासी निर्वाचित करने के प्रयोजनार्थ न्यासी बोर्ड और सभा के सदस्यों की साधारण सभी की प्रत्येक बैठक के लिए एक माह का पूर्व नोटिस दिया जाएगा।
न्यासियों को सम्यक रूप से पारित संकल्प द्वारा यह अधिकार होगा कि वे अपनी शक्तियां एक या अधिक अपने सदस्यों को प्रत्यायोजित कर दें और प्राधिकृत करें कि कुछेक संपिŸायां और निधियां एक या अधिक उसके सदस्यों के नाम में निहित होंगी या उनके द्वारा उन पर कार्रवाई की जाएगी।
प्रधान सचिव की ओर से किसी प्रतिपादन या प्रश्न को परिपत्र द्वारा जारी किए जाने पर न्यासियों को वोट देने का अधिकार होगा। परिपत्र द्वारा जारी सभी संकल्पों पर इस प्रकार मतदान होने पर इन्हें न्यासी बोर्ड की कार्यवृŸा पुस्तिका में सम्मिलित किया जाएगा।
न्यासी समय-समय पर अपनी बैठकों के लिए अपने बीच में से ही सभापति चुन सकते हैं, जो बैठक समाप्त होने से पहले कार्यवृŸा पर हस्ताक्षर करेगा।