69. स्वतंत्र श्रमिक दल - Page 289

270 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

  1. शासी निकाय के प्रथम सदस्य होंगेः-

  2. माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर, एम.ए., पीएच. डी., डी. एससी., बैरिस्ट एट-लॉ, नई दिल्ली।

  3. राय बहादुर एन. शिवराज, बी.ए., बी.एल., एम.एल.ए., मद्रास

  4. दौलतराव गुलाजी जाधव, बी.ए., एलएल.बी., बंबई

  5. राजा राम भोले, बी.एससी., एलएल.बी., पूना

  6. जे.एच.सुबच्चा, बी.ए., सिकंदराबाद

  7. हीरजीभाई कौशल भाई पटेल, बी.ए., एलएल.बी., बंबई

  8. जी.टी.मेशरम, नई दिल्ली

  9. रायबहादुर एस.के.बोले, बंबई

  10. एम.वी. डोंडे, बी.ए., प्रिंसिपल, गोखले एजूकेशन सोसाइटीज़, हाई स्कूल, पारेल, बंबई

  11. एस.सी. जोशी, एम.ए., एलएल.बी., नई दिल्ली

  12. एम.बी. समर्थ, बैरिस्टर-एट-लॉ, बंबई।

भारतीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर, शासी निकाय के प्रथम सभापति होंगे और उनके पश्चात् हमेशा बौद्ध ही होगा।

  1. शासी निकाय और न्यासी मंडल की सदस्यता का समापन मृत्यु, असमर्थता, त्याग-पत्र या हटाए जाने पर होगा।

  2. महा मूलतः प्रबंध परिषद् के सदस्यों और कार्यकारिणी के सदस्यों, डीन या प्रिंसिपल और रजिस्ट्रार से भिन्न, की पदावधि तीन वर्षों के लिए होगी जब तक कि मृत्यु, असमर्थता, त्याग-पत्र या हटाए जाने से समाप्त न हो जाए। किसी व्यक्ति की पदावार समाप्त होने पर वह पुनः नामांकन का पात्र होगा। डीन या प्रिंसिपल और रजिस्ट्रार तब तक कार्यकारिणी के सदस्य बने रहेंगे जब तक वे डीन या प्रिंसिपल या रजिस्ट्रार पद धारण किए हुए हैं।

  3. शासी निकाय को यह शक्ति होगी कि वह शासी निकाय, न्यासी मंडल, महा (मूलतः प्रबंध) परिषद् और किसी भी कार्यकारिणी के सदस्य को निकाय से हटा