272 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
लिए आवश्यक स्टाफ नियुक्त कर सकता है, उनके वेतनमान और सेवा शर्तें नियत कर सकता है और सोसाइटी के स्टाफ, प्राधिकारियों और निकायों के मार्गदर्शन और निदेशों के लिए स्थायी आदेश या नियम बना सकता है और उनके कार्यों, शक्तियों और दायित्वों को परिभाषित करने वाले विनियमों का निर्माण कर सकता है।
प्रत्येक कालेज, विहार, स्कूल या संस्था या उनके समूह के लिए, जैसा शासी निकाय निर्णय करेगा, शासी निकाय रजिस्ट्रार नियुक्त कर सकता है।
सभापति के अधीक्षण और नियंत्रण के अध्यधीन, रजिस्ट्रार संस्था के प्रमुख के अधीन कार्य करेगा। वह सोसाइटी के स्थायी आदेशों और विनियमों के अनुसार संस्था के रोजमर्रा का प्रशासनिक कार्य निष्पादित करेगा।
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सोसाइटी की निधियों में समय-समय पर प्राप्त अनुदान, दान, अभिदान, शुल्क, उपहार आदि शामिल होंगे।
सचिव सोसाइटी की आय और व्यय की उचित लेखा बहियों और अन्य दस्तावेजों का रख-रखाव करेगा। सोसाइटी के लेखाओं की समय-समय पर लेखापरीक्षा भारतीय कंपनी अधिनियम के अधीन मान्यता प्राप्त और शासी निकाय द्वारा नियुक्त लेखापरीक्षकों द्वारा की जाएगी।
शासी निकाय महा परिषद् और कार्यकारिणी, या समिति के सदस्यों में से सचिव को नियुक्त करेगा जो क्रमशः परिषद् और कार्यकारिणी या समिति का सामान्य कार्य करेगा। सचिव की पदधारणा अवधि तीन वर्ष होगी।
सोसाइटी के सचिव द्वारा सोसाइटी की वार्षिक प्राप्तियों और व्ययों का ब्यौरा तैयार किया जाएगा और इसका समेकित विवरण सोसाइटी के कार्यालय में रखा जाएगा और यह शासी निकाय, न्यासी मंडल, महा (मूलतः प्रबंधन) परिषद् और कार्यकारिणी के सदस्यों और संरक्षकों और अभिदाताओं के लिए निरीक्षण के लिए सदैव खुला रहेगा।
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- शासी निकाय और अन्य निकाय अपने कर्तव्यों का पालन और अपनी शक्तियों, प्राधिकारों और कृत्यों का प्रयोग इस ज्ञापन के साथ संलग्न अंतर्नियमों (अनुसूची-क) के अनुसार करेंगे।