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शासी निकाय को उक्त अंतर्नियमों को परिस्थितियों के अनुरूप परिवर्तित, संशोधित, परिवर्धित या आशोधित करने की शक्ति होगी बशर्ते कि जब तक ऐसे परिवर्तन, संशोधन, परिवर्धन या आशोधन इस ज्ञापन के उपबंधों के असंगत नहीं होंगे।
शासी निकाय को इस ज्ञापन को परिवर्तित, संशोधित, परिवर्धित या आशोधित करने की शक्ति होगी, लेकिन यह शासी निकाय के गठन, न्यासी मंडल, महा (मूलतः प्रबंधन) परिषद् और प्रत्येक ऐसे निकायों में अनुसूचित जातियों से परिवर्तित बौद्ध सदस्यों के प्रतिनिधित्व के अनुपात, प्रथम सभापति की पदावधि से संबंधित उपबंध, सभापति के अन्य निकायों की पदेन सदस्यता से संबंधित उपबंधों को छोड़कर किया जाएगा जो इसके खंड 7, 8, 9, 10, 11, 12, 14, 20 और 21 में अंतर्विष्ट हैं बशर्ते कि इस प्रयोजन के लिए विशेष रुप से बुलाई गई शासी निकाय की बैठक में उपस्थित तीन-चौथाई सदस्य ज्ञापन में ऐसे परिवर्तन, संशोधन, परिवर्धन या आशोधन के लिए मत (वोट) करें।
हस्ताक्षरित
बी. आर. अम्बडेकर
एस. के.बोले
एम. वी. डोंडे
एस. सी. जोशी
एम. बी. समर्थ
डी. जी. जाधव
एच. के. पटेल
9 जुलाई, 1945