276 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
उचित लेखा बहियों में पूर्ण लेखाओं को सोसाइटी और उसकी संस्थाओं की ओर से सभी धन प्राप्तियों और अदायगियों के प्रयोजन के लिए रखा जाएगा। ऐसी लेखा बहियां प्रत्येक वर्ष के लिए तैयार की जाएंगी और उनकी लेखापरीक्षा विधिवत अर्हता प्राप्त लेखापरीक्षकों द्वारा करने के पश्चात् जांचकर शासी निकाय की आगामी वर्ष की साधारण बैठक में इस प्रयोजन के लिए बुलाई गई किसी अन्य बैठक में पारित की जाएंगी और तत्पश्चात् बैठक के सभापति द्वारा हस्ताक्षरित की जाएंगी।
सोसाइटी के अभिदाताओं और संरक्षकों की एक सूची का रख-रखाव किया जाएगा।
सोसाइटी के प्रयोजन के लिए शासी निकाय द्वारा चयनित बैंकरों के साथ
खाता खोला जाएगा। सोसाइटी के खाते में प्राप्त प्रत्येक धनराशि अनुचित देरी के बिना उस खाते में जमा की जाएगी जब तक कि सभापति द्वारा अन्यथा स्पष्टतया आदेश न किया गया हो।
- सभी चैक और धन-अदायगी के लिए आदेश शासी निकाय या शासी निकाय की ओर से नियुक्त व्यक्ति या व्यक्तियों द्वारा हस्ताक्षरित किए जाएंगे।
नियमों की प्रमाणित सही प्रति
5 जुलाई, 1945
बी.आर. अम्बेडकर
डी.जी. जाघव
एस.सी. जोशी
विभिन्न स्थानों पर संस्था की शाखाओं के लिए देखें परिशिष्ट- XII