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278 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

और छात्रावास की सुविधाएं प्रदान करके की जाएगी सोसाइटी के शासी निकाय की इच्छा है कि कालेज को उच्च शिक्षा प्रदान करने की मॉडल संस्था बनाया जाए। इस तथ्य से सोसाइटी अत्यधिक प्रोत्साहित है कि बंबई में उसके कालेज

खोलने की परियोजना को भारत सरकार ने अपना अनुमोदन दिया है और उसने संतुष्ट होकर प्रारंभिक खर्च पूरा करने के लिए पर्याप्त धन भी दिया है। सरकार इस प्रयोजन के लिए सोसाइटी को 6 लाख रुपए की राशि देने को तैयार हो गई है जिसमें से आधी राशि अनुदान सहायता के रूप में और शेष राशि ब्याजयुक्त ऋण के रूप में होगी।

भूमि, भवन-सामग्री और वैज्ञानिक और अन्य उपस्करों की अपसामान्य कीमतों के कारण यह राशि वास्तविक जरूरतों की अपेक्षा कम पड़ेगी। कालेज को कम-से-कम 15 लाख रुपयों की जरूरत होगी। भारत सरकार द्वारा प्रदान की गई राशि को ध्यान में रखते हुए अभी भी 9 लाख रुपयों की बड़ी राशि को दान राशि के रूप में एकत्र करने की आवश्यकता है। इसलिए सोसाइटी को अन्य स्रोतों से पर्याप्त सहायता के लिए निवेदन करना है। सोसाइटी को अत्यधिक आशा और विश्वास है कि परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए विŸाय सहायता की अपील को उन सभी से सहानुभूतिपूर्ण सहयोग प्राप्त होगा जो सामान्य रूप से शिक्षा और विशेष रूप से अछूतों की शिक्षा की उन्नति में रुचि रखते हैं।

राज्यों में अनुसूचित जातियों की बड़ी जनसंख्या है, और इसलिए, सोसाइटी, राज्यों के शासकों से इस मामले में उदारता से सहायता करने की अपील करती है। सोसाइटी उन राज्यों के अनुसूचित जातियों के छात्रों के साथ-साथ गैर-अनुसूचित जातियों के छात्रों के लिए कालेजों में विशेष प्रावधान करने में और विशेष रूप में निम्न रुप से सहमत होने में खुशी महसूस करेगीः

(1) कला और विज्ञान दोनों में कालेज में विभिन्न कक्षाओं में प्रवेश के लिए कुछ

प्रतिशतता का आरक्षण;

(2) कालेज भवन में निर्मित होने वाले छात्रावासों में छात्रों के लिए आवास का

आरक्षण; और

(3) शुल्कमुक्ति और छात्रवृŸायों की कुछ संख्या का आरक्षण।

सोसाइटी दान देने वाले राज्य की किसी अन्य उचित शर्त के सुझाव को स्वीकार करने के लिए तैयार रहेगी। सोसाइटी स्वीकार करती है कि हालांकि कालेज को इस प्रकार के विŸाय योगदान से पर्याप्त सहायता मिलेगी, फिर भी राज्यों को भी