5. आश्वासन से गवर्नर को कोई नुकसान नहीं न ही कांग्रेस को कोई फायदा - Page 30

11

3
आश्वासन से गवर्नर को कोई नुकसान नहीं; न ही कांग्रेस
v k'o k l u
xo uZ
uqd l ku
u gh
d k ax zs l
Qk ;n
को कोई फायदा
बम्बई, 8 अप्रैल, 1937

“भारत के संवैधानिक गतिरोध के बारे में बैरिस्टर डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर ने यह बयान जारी किया है :

“कांग्रेस के लिए मैदान छोड़ देने के कारण मैं यह जरूरी नहीं समझता कि अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के प्रस्ताव की शर्त के अनुसार कांग्रेस के नेताओं को आश्वासन देने पर गवर्नर के इंकार से उत्पन्न स्थिति पर मैं अपने विचार व्यक्त करूँ। लेकिन कुछ मित्रों ने जोर देकर मुझे अपने विचार बताने के लिए कहा है, इसलिए इस विवाद में शामिल होने के लिए मैंने स्वयं को तैयार किया हैं।

मेरी समझ में नहीं आता कि कांग्रेसजन अंतरिम मंत्रालयों के गठन का दोष गवर्नर को क्यों दे रहे हैं और मुझे यह जानकर थोड़ा आश्चर्य भी है कि कांग्रेसजन, जो पद स्वीकार करने के लिए अनुत्सुक हैं और जिनका उद्देश्य संविधान को ध्वस्त करना था, उन्हें अंतरिम मंत्रालयों के गठन पर राहत की सांस लेने के बजाए, उन्हें मौका हाथ से निकल जाने पर कुछ क्रुद्ध होना चाहिए था; यह सब देखकर किसी को भी यह संदेह होना स्वाभाविक है कि संविधान को ध्वस्त करने का उनका आह्वान महज एक नाटक था।

dk nks’

जब एक पार्टी जिसके पास बहुमत है, पद स्वीकार करने से इंकार करती है तो गवर्नर का यह कर्त्तव्य है कि वह उन्हें बुलाए जो उसे अपनी नीति के समर्थन में विधानमण्डल में बहुमत जुटाने का आश्वासन दे सकते हों। दोषी गवर्नर नहीं हैं, बल्कि दोषी वे लोग हैं, जिन्होंने पद स्वीकार किए हैं। यह विचार उन्हें करना है कि यदि वे सदन में आवश्यक बहुमत जुटाने में असफल रहते हैं तो क्या उन्हें गवर्नर को धोखा देने का दोषी नहीं माना जाएगा। गवर्नरों पर दोष तब आएगा, जब वे संविधान के अन्तर्गत उन्हें दिए गए विशेष अधिकारों का प्रयोग उन मंत्रियों को पद