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(3) अनुसूचित जाति का आशय है भारत के संविधान द्वारा इस रूप में मान्यता
प्राप्त जाति।
- नियमों द्वारा संघ की सह-सदस्यता और उनको दिए जाने वाले विशेषाधिकारों
को प्रावधान किया जा सकता है। सह सदस्य के लिए अनुसूचित जाति से
संबंधित होना जरूरी नहीं है। अनुच्छेद- V
- राज्य के विधानमंडल के चुनाव के लिए अनुसूचित जातियों की मतदाता सूची
सदस्यों का रजिस्टर होगा जिनके आधार पर संघ के घटक निकायों का
चुनाव होगा।
- प्रत्येक ऐसा व्यक्ति मतदान करने और चुनाव मे खड़ा होने के योग्य होगा
जब तक कि संघ के प्राधिकार द्वारा या अधीन बनाए किसी नियम द्वारा उसे
अयोग्य न ठहराया गया हो। अनुच्छेद- VI
- तत्समय राज्य के रूप में भारत के संविधान द्वारा मान्यता प्राप्त प्रत्येक राज्य
में राज्य संघ समिति होगी जिसका मुख्यालय राज्य की राजधानी में अवस्थित
होगा।
- अखिल भारतीय अनुसूचित जाति परिसंघ की प्राथमिक इकाई परिसंघ की
ग्राम समिति होगी।
- ग्राम परिसंघ समिति में ग्राम में अनुसूचित जातियों के मतदाताओं द्वारा चुने
गए वे व्यक्ति शामिल होंगे जो परिसंघ के सदस्य हैं।
- ताल्लुक परिसंघ समिति में वे सदस्य शामिल होंगे जो ताल्लुका के भीतर ग्राम
परिसंघ समिति द्वारा चुने जाएंगे। इनका चुनाव ताल्लुका की कुल अनुसूचित
जाति जनसंख्या के अनुपात में प्रत्येक ग्राम की अनुसूचित जाति जनसंख्या
के आधार पर राज्य कार्य-समिति द्वारा निर्धारित कोटा के अनुसार होगा।
- जिला परिसंघ समिति में वे सदस्य शामिल होंगे जो प्रत्येक जिले के भीतर
ताल्लुका परिसंघ समिति द्वारा चुने जाएंगे। इनका चुनाव जिले की कुल अनुसूचित
जाति जनसंख्या के अनुपात में प्रत्येक ताल्लुका की अनुसूचित जाति जनसंख्या
के आधार पर राज्य कार्य-समिति द्वारा निर्धारित कोटा के अनुसार होगा।