298 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
- परिसंघ की अखिल भारतीय समिति परिसंघ के अधिवेशन द्वारा निर्धारित कार्यक्रमों
के क्रियान्वयन की व्यवस्था करेगी और उसके पास अपनी पदावधि के दौरान
उठने वाले मामलों और परिस्थितियों से निपटने की शक्ति होगी।
- परिसंघ की अखिल भारतीय समिति को संघ से संबंधित सभी मामलों को विनियमित
करने के लिए नियम बनाने की शक्ति होगी जो इस संविधन से असंगत न हों,
और वे अधीनस्थ संघ समितियों पर बाध्यकारी होंगे।
- परिसंघ की अखिल भारतीय समिति की केंद्रीय कार्यकारिणी समिति या
कम-से-कम 50 सदस्यों द्वारा केंद्रीय कार्यकारिणी समिति को संबोध्ति मांग पर
जितनी भी बार अपेक्षित हो, बैठक होगी। इस तरह परिसंघ की अखिल भारतीय
समिति की अपेक्षित बैठक की मांग करते समय मांगकर्ताओं को बैठक बुलाने
के प्रयोजन का विशेष रूप से उल्लेख करना होगा। ऐसी बैठक लिखित मांग
प्राप्त होने के दो माह के भीतर आयोजित की जाएगी। ऐसी किसी भी बैठक में
केंद्रीय कार्यकारिणी समिति विचारार्थ अतिरिक्त कार्य की मदें ला सकती है।
- अपेक्षित बैठकों को छोड़कर, जहां तक संभव हो। संघ की अखिल भारतीय
समिति की समस्त बैठकों में अखिल भारतीय संघ समिति के सदस्यों द्वारा प्रस्तुत
विचारार्थ प्रस्तावों की सम्यक् सूचना इस संबंध में विहित नियमों के अनुसार दी
गई हो तो उनके लिए चार घंटे आबंटित करने चाहिए।
- परिसंघ की अखिल भारतीय समिति की बैठक के लिए पच्चीस सदस्यों की
उपस्थिति कोरम के लिए पर्याप्त होगी। अनुच्छेद-
- परिसंघ का साधारण अधिवेशन छमाही रूप में ऐसे समय और स्थान पर
आयोजित होगा जिसका निर्णय संघ की अखिल भारतीय समिति या केंद्रीय
कार्यकारिणी समिति करेगी।
- परिसंघ का साधारण अधिवेशन निम्न रूप में होगाः
( i ) परिसंघ का अध्यक्ष;
( ii ) परिसंघ का पूर्व-अध्यक्ष;
( iii ) परिसंघ के अखिल भारतीय समिति के सदस्य;
( iv ) केंद्रीय कार्यकारिणी समिति के सदस्य; और
( v ) ग्राम परिसंघ ताल्लुका परिसंघ, जिला परिसंघ और राज्य परिसंघ की कार्य
समिति के सदस्य।