72. अखिल भारतीय अनुसूचित जाति संघ का संविधान - Page 318

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  1. ( i ) सर्वप्रथम सत्र विषय समिति द्वारा अपनाने के लिए संस्तुत संकल्पों पर

विचार करेगा।

( ii ) तत्पश्चात् अधिवेशन किसी भी सारभूत प्रस्ताव पर विचार कर सकता है जो

इसमें सम्मिलित नहीं है (i) लेकिन ऐसा प्रस्ताव जिसे अधिवेशन प्रारंभ होने

से पहले 40 प्रतिनिधियों ने अध्यक्ष से लिखित रूप में आवेदन किया हो कि

उन्हें यह अधिवेशन के समक्ष रखने की अनुमति दी जाए तथापि, तब तक ऐसे

प्रस्ताव की अनुमति नहीं दी जाएगी जब तक कि विषय-समिति की बैठक में

इस पर पहले विचार-विमर्श हो चुका हो और विषय-समिति में तब उपस्थित

एक-तिहाई सदस्यों ने इसका समर्थन किया हो।

  1. राज्य परिसंघ समिति जिसकी अधिकारिता में संघ के अधिवेशन का आयोजन

किया गया है, अधिवेशन का आयोजन करने के लिए ऐसे प्रबंध करेगी जो

इस प्रयोजन के लिए आवश्यक समझे जाएं और एक स्वागत समिति का गठन

करेगी जो इसके सामान्य मार्गदर्शन में इसके अधीन कार्य करेगी जिसमें ऐसे

व्यक्ति शामिल किए जा सकते हैं जो इसके सदस्य न हों।

  1. स्वागत-समिति अपने सदस्यों में से अपना अध्यक्ष और पदाधिकारियों को

चुनेगी।

  1. स्वागत-समिति अधिवेशन के खर्चे के लिए निधियां एकत्र करेगी और प्रतिनिधियों

के स्वागत और आवास के लिए आवश्यक प्रबंध करेगी। यह आगंतुकों के

लिए भी आवश्यक प्रबंध कर सकती है।

  1. स्वागत-समिति के आय और व्यय की लेखापरीक्षा संबंधित राज्य परिसंघ

समिति द्वारा नियुक्त लेखापरीक्षकों द्वारा की जाएगी और लेखा-विवरण

लेखापरीक्षा रिपोर्ट सहित अधिवेशन के समापन के छह महीने के भीतर राज्य

परिसंघ समिति द्वारा केंद्रीय कार्यकारिणी समिति को प्रस्तुत की जाएगी। वेशी

निधियां संघ की अखिल भारतीय समिति और राज्य परिसंघ समिति के बीच

बराबर-बराबर बांटी जाएंगी। अनुच्छेद- XI

  1. परिसंघ की अखिल भारतीय समिति अध्यक्ष के सभापतित्व में विषय समिति

बैठक के रूप में अधिवेशन कम-से-कम दो दिन पहले होगी। केंद्रीय

कार्यकारिणी समिति या अधिवेशन से पहले अध्यक्ष का चुनाव हुआ हो और