72. अखिल भारतीय अनुसूचित जाति संघ का संविधान - Page 319

300 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

उसने केंद्रीय कार्यकारिणी समिति नियुक्त न की हो, जो कार्यरत हो, अध्यक्ष

एक विषय-निर्वाचन समिति नामित करेगा जो विषय समिति को प्रारुप संकल्पों

के साथ कार्य का कार्यक्रम संघ के अधिवेशन के लिए प्रस्तुत करेगा। प्रारुप

संकल्पों के तैयार करने में यह राज्य परिसंघ समितियों द्वारा सूचित किए गए

संकल्पों पर विचार करेगा।

  1. विषय समिति कार्यक्रम पर विचार-विमर्श आरंभ करके खुले अधिवेशन में प्रस्तावित

करने के लिए संकल्प तैयार करेगी। जहां तक संभव होगा, राज्य परिसंघ

समितियों या परिसंघ की अखिल भारतीय समिति के सदस्यों द्वारा सम्यक्

सूचना वाले प्रस्तावों पर विचार के लिए चार घंटे आवंटित किए जाएंगे। अनुच्छेद- XII

  1. केंद्रीय कार्यकारिणी समिति, अध्यक्ष के चुनाव के लिए संघ की अखिल भारतीय

समिति के सदस्यों में से एक को निर्वाचन अधिकारी के रूप मे कार्य करने के

लिए नियुक्त करेगी। बशर्तें कि प्रधान सचिव जो अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार

है वह इस प्रकार की नियुक्ति के लिए अयोग्य होगा।

  1. संघ का कोई भी सदस्य किसी भी सदस्य के नाम का प्रस्ताव संघ के

अध्यक्ष के चुनाव के लिए कर सकता है। प्रस्ताव अनिवार्य रूप से तीन अन्य

सदस्यों द्वारा समर्थित होना चाहिए। ऐसा प्रस्ताव केंद्रीय कार्यकारिणी समिति

द्वारा नियत तिथि पर या उससे पूर्व निर्वाचन अधिकारी के पास पहुंच जाना

चाहिए।

  1. इस प्रकार प्रस्तावित सभी व्यक्तियों के नाम निर्वाचन अधिकारी प्रकाशित

करेगा और इस प्रकार प्रस्तावित व्यक्ति को अपनी उम्मीदवारी वापस लेने का

अधिकार होगा जिसे वह प्रस्तावित नामों के प्रकाशन के सात दिन के भीतर

निर्वाचन अधिकारी को लिखित रूप में इस संबंध में सूचित करेगा।

  1. जिन लोगों ने अपने नाम वापस लिए हैं उन्हें निकालने के पश्चात् निर्वाचन

अधिकारी शेष उम्मीदवारों के नाम प्रकाशित करके राज्य संघ समितियों को

परिचालित करेगा। यदि नाम निकालने के पश्चात् केवल एक उम्मीदवार रह

जाता है तो उसे संघ के अगले अधिवेशन के लिए सम्यक् रुप से अध्यक्ष

निर्वाचित घोषित कर दिया जाएगा।

  1. केंद्रीय कार्यकारिणी समिति द्वारा नियत तारीख पर, जोकि निर्वाचन लड़ने

वाले उम्मीदवारों के नामों की अंतिम सूची के प्रकाशन के पश्चात् सामान्यतः