5. आश्वासन से गवर्नर को कोई नुकसान नहीं न ही कांग्रेस को कोई फायदा - Page 32

13

लेने के लिए प्रदत्त वैयक्तिक विवेकाधिकार का स्वरूप इंग्लैड के संविधान के अंतर्गत सम्राट के अधिकार से पूर्णतः भिन्न है।

सम्राट को दिया गया वीटो अधिकार उसे उसके मंत्रिमंडल के किसी मंत्री द्वारा उसे कोई कार्यवाही करने की सलाह को अस्वीकार करने का अधिकार प्रदान करता है। परन्तु यह मंत्री की सलाह के बिना किसी कार्रवाई की जिम्मेवारी लेने का सम्राट को अधिकार नहीं देता।

वैयक्तिक निर्णय का अधिकार और वैयक्तिक विवेकाधिकार गवर्नर को न केवल किसी मंत्री की सलाह को अस्वीकार करने का अधिकार देता है बल्कि यह उसे उस कार्रवाई का समर्थन करते हुए मंत्री की सलाह के बिना भी कार्रवाई का अधिकार देता है। दरसअल मंत्री की सलाह के विपरीत सम्राट के पास अपनी प्रस्तावित कार्रवाई हेतु किसी मंत्री का समर्थन होना बहुत जरूरी है। गवर्नर के लिए कार्रवाई हेतु किसी मंत्री का समर्थन आवश्यक नहीं है। वीटो के अधिकार और वैयक्तिक निर्णय के अधिकार के बीच यही अंतर है।

hfe r
af= eaMy

सीमित मंत्रिमंडल

श्री राजगोपालाचारी का यह दावा कि भारत में मंत्रियों को उसी व्यवहार की पात्रता है, जो लोकप्रिय सरकार की संसदीय पद्धति के अंतर्गत उन्हें प्राप्त होता है, गवर्नमेंट ऑफ इण्डिया एक्ट में निहित सरकार की प्रणाली के बारे में उनकी गलतफहमी का द्योतक है। गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट में सरकार की जो प्रणाली निहित है वह सीमित मंत्रिमंडल प्रणाली है। यह सीमित राजतंत्र की प्रणाली नहीं है। सीमित राजतंत्र में, राजतंत्र का प्राधिकार मंत्रिमंडल की शक्ति द्वारा सीमित होता है। सीमित मंत्रिमंडल प्रणाली में मंत्रियों की शक्ति गवर्नर के प्राधिकार द्वारा सीमित होती है। जिन भेदों का मैंने उल्लेख किया है अर्थात वीटो अधिकार तथा वैयक्तिक निर्णय के बीच भेद तथा सीमित मंत्रिमंडल एवं सीमित राजतंत्र के बीच भेद को यदि समझ लिया जाए तो यह समझना भी आसान हो जाएगा कि सम्राट अपने वीटो के अधिकार को क्यों स्थगित कर सकता है और गवर्नर क्यों नहीं कर सकता। गवर्नर अपने विशेष अधिकारां का त्याग नहीं कर सकता। यदि मंत्रिमंडल की किसी कार्रवाई की परिणति दुष्परिणाम में होती है तो कानून के अन्तर्गत वह मंत्रिमंडल के कृत्य के लिए जवाबदेह होता है। कोई संविधान का तर्क देकर यह जोर दे सकता है कि जवाबदेही मंत्रिमंडल की होनी चाहिए, न कि गवर्नर की; परन्तु कोई इसकी उपेक्षा नहीं कर सकता। संविधान को यथास्थिति देखते हुए और इसके तथा अंग्रेजी संविधान में जो अंतर है उन्हे देखते हुए मैं नहीं समझता कि गवर्नरों द्वारा अपने