72. अखिल भारतीय अनुसूचित जाति संघ का संविधान - Page 321

302 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

किया जा सकता है, बशर्ते इस प्रकार नियुक्त व्यक्ति केंद्रीय कार्यकारिणी

समिति का सदस्य नहीं रहेगा यदि वह अपनी नियुक्ति के छह माह के भीतर

संघ की अखिल भारतीय समिति का सदस्य निर्वाचित नहीं हो जाता।

  1. केंद्रीय कार्यकारिणी समिति की बैठक के लिए (कोरम) सात का होगा।

  2. केंद्रीय कार्यकारिणी समिति संघ की उच्चतम कार्यकारी प्राधिकारी होगी और

उसे संघ और संघ की अखिल भारतीय समिति द्वारा तैयार नीति और कार्यक्रम

को कार्यान्वित करने की शक्ति होगी और संघ की अखिल भारतीय समिति के

प्रति उŸारदायी होगी। इस संविधान के उपबंधों के बारे में सभी मामलों पर

उसके स्पष्टीकरण और अनुप्रयोग के संबंध में यह अंतिम प्राधिकारी होगी।

  1. केंद्रीय कार्यकारिणी समिति संघ की अखिल भारतीय समिति की प्रत्येक बैठक

में संघ की अखिल भारतीय समिति की पिछली बैठक की कार्यवाही की रिपोर्ट,

और बैठक के लिए कार्यसूची प्रस्तुत करेगी और उन अशासकीय संकल्पों के

लिए समय आबंटित करेगी जिनके बारे में संघ की अखिल भारतीय समिति

के सदस्यों ने, इस संबंध में निर्धारित नियमों के अनुसार सम्यक् सूचना इस

संबंध में दी होगी।

  1. केंद्रीय कार्यकारिणी एक या अधिक लेखापरीक्षक या निरीक्षक या अन्य

अधिकारी संघ की सभी समितियों और संगठनों के अभिलेखों, कागजातों और

लेखा बहियों की जांच के लिए नियुक्त कर सकती है। ऐसी सभी समितियों

और संगठनों के लिए आवश्यक होगा कि वे लेखापरीक्षकों, निरीक्षकों या

अन्य अधिकारियों को सभी अपेक्षित सूचना प्रदान करें और सभी अधिकारियों,

लेखाओं और अभिलेखों तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करें।

  1. केंद्रीय कार्यकारिणी समिति की शक्तियां होंगीः

( i ) संगठन के उचित कामकाज के लिए नियम बनाना। ऐसे नियम यथाशीघ्र संघ

की अखिल भारतीय समिति के समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत किए जाएंगे;

( ii ) सभी मामलों में संविधान-संगत वे निर्देश और नियम जारी करना जिनका

अन्यथा प्रावधान नहीं किया गया है;

( iii ) सभी स्थानीय समितियों और अधीनस्थ समितियों के अतिरिक्त स्वागत समिति

का अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण करना;

( iv ) संघ की अखिल भारतीय समिति के अलावा अध्यक्ष या समिति के विरुद्ध ऐसी

अनुशासनिक कार्यवाही करना जो उसे उचित लगे;