5. आश्वासन से गवर्नर को कोई नुकसान नहीं न ही कांग्रेस को कोई फायदा - Page 34

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न फायदा, न नुकसान

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लेकिन एक प्रश्न जो मैं सभी कांग्रेस जनों से पूछना चाहता हूं वह इस प्रकार है। एआईसीसी के प्रस्ताव की शर्तों के अनुसार यदि गवर्नर ने अभिवचन दे दिया होता, तो इससे उन्हें क्या लाभ होता? मेरे ख्याल से महत्वपूर्ण प्रश्न तो यह है कि इस बात का निर्धारण कौन करेगा कि गवर्नर द्वारा विशेष अधिकारों के प्रयोग का अवसर उत्पन्न हुआ है अथवा नहीं है। जब भी कोई बात होती तब कांग्रेसजन इस अभिवचन की माँग करते कि क्या विशेष अधिकारों के प्रयोग का अवसर उत्पन्न हुआ है अथवा नहीं, इसका निर्धारण मंत्रिमंडल करेगा। इस प्रकार का अभिवचन वास्तव में बहुमूल्य होता, परन्तु ऐसा अभिवचन माँगा ही नहीं गया था। कांग्रेस जनों द्वारा मांगा गया अभिवचन ही निरर्थक था कि इसके बावजूद और इसके उल्लंघन के बिना ही गवर्नर इस आधार पर हस्तक्षेप करने के लिए स्वतंत्र रहता कि मंत्रिमंडल ने अमुक कार्य इस तरीके से किया है कि उसके विवेक के अनुसार विशेष अधिकार का प्रयोग करने का अवसर आ गया है। अतः, मैं यही ढूँढ़ने का प्रयत्न कर रहा हूं कि गवर्नर को क्या नुकसान होता यदि उसने आश्वासन दे दिया होता और कांग्रेस को क्या फायदा होता यदि उसे आश्वासन मिल भी जाता।“ ख्1,

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  1. द बॉम्बे क्रॉनिकल, दिनांक 9 अप्रैल, 1937