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(ख) ऐसा सदस्य सामान्य सदस्य कहलाएगा। अनुच्छेद- VI
इस गठन के प्रयोजन के लिए छात्र का आशय होगाः-
(क) किसी भी मान्यताप्राप्त या नियमित शैक्षिक संस्था से संबद्ध कोई भी अनुसूचित जाति छात्र।
(ख) अनुच्छेद की उपधारा क के अर्थ में कोई भी जो छात्र नहीं है परंतु जिसने इस आंदोलन के लिए मूल्यवान सहायता और सेवा प्रदान की है, सदस्य बनने का पात्र होगा, बशर्ते वह अनुच्छेद-5 की उपधारा (क) के खंड (i), (ii), (iii) के अधीन 5/- रुपये (मात्र पांच रुपये) का वार्षिक अभिदान अदा करता/करती है।
(ग) ऐसा सदस्य सह-सदस्य कहलाएगा जो कार्य समिति और अ.भा.अनु.जा. छा.प. की परिषद् में बैठने का हकदार होगा परंतु मतदान करने की शक्ति नहीं होगी और कोषाध्यक्ष के पद को छोड़कर अन्य किसी पद को धारण करने का हकदार नहीं होगा। अनुच्छेद- VII
अ.भा.अनु.जा.छा.प. का कोई भी पदाधिकारी या सदस्य, किसी सांगठनिक अधिवेशन के दौरान छात्र नहीं रहता है तो वह उस अधिवेशन के अंत तक सदस्य बने रहने का हकदार रहेगा/रहेगी।
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अनुच्छेद- VIII
(क) सामान्य सदस्य के लिए सदस्यता शुल्क जो प्रति वर्ष प्रति व्यक्ति मात्र आना
होगा जो मान्यता प्रांतीय या भारतीय देशी राज्य अनुसूचित जाति छात्र परिसंघों
की प्राथमिक इकाइयों को अदा करना होगा जिसका वह सदस्य होगा/
होगी।
(ख) परिषद् के प्रत्येक सदस्य का 2/- रुपये (मात्र दो रुपये) प्रति वर्ष अदा
करना है।
(ग) परिषद् सदस्यता शुल्क के अतिरिक्त, कार्य समिति के प्रत्येक सदस्य/सदस्या
को प्रतिवर्ष 3/- रुपये (मात्र तीन रुपये) अदा करने हैं।