73. परिशिष्ट-I अखिल भारतीय अनुसूचित जाति छात्र परिसंघ का गठन - Page 347

328 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय अनुशासन

अनुच्छेद- XXVIII

(क) अ.भा.अनु.जा.छा.प. के किसी भी सदस्य को अखिल भारतीय अनुसूचित जाति

परिसंघ के सिवाय किसी भी राजनीतिक संगठन का सदस्य या किसी भी

प्रकार की सदस्यता का उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी।

(ख) कार्य समिति को अपनी अधिकारिता के भीतर किसी सदस्य के विरुद्ध

अनुशासनहीनता की कार्रवाई करने की शक्ति निम्न के लिए होगीः-

( i ) अपेक्षित अभिदान की अदायगी करने में असफल होने पर।

( ii ) परिसंघ की नीतियों को और परिषद् या कार्य समिति की कार्यवाहियों को पूरा

न करने पर।

( iii ) अ.भा.अनु.जा.छा.प. के नियमों और विनियमों का जानबूझकर अतिलंघन।

( iv ) किन्हीं अन्य परिस्थितियों के होने पर जिनका इन नियमों में विशेष रूप से

प्रावधान नहीं किया गया है और जो अ.भा.अनु.जा.छा.प. के आदेश या अनुशासन

में बाधा डालने वाली हो सकती हैं। अधिवेशन

अनुच्छेद- XXIX

वार्षिक और विशेष अधिवेशन का अध्यक्ष अ.भा.अनु.जा.छा.प. की परिषद् द्वारा निर्वाचित किया जाएगा। कार्य समिति इस प्रयोजन के लिए बैठक न बुलाकर, सदस्यों से लिखित रूप में अध्यक्ष का नाम प्राप्त कर सकती है। अनुच्छेद- XXX

प्रांतीय और भारतीय देशी राज्य अनुसूचित जाति छात्र परिसंघों के अपने-अपने विधान होंगे। लेकिन इन विधानों में अ.भा.अनु.जा.छा.प.के गठन के नियमों और विनियमों के विपरीत कुछ भी नहीं होना चाहिए।

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अनुच्छेद- XXXI

गठन में अपरिभाषित शक्तियां कार्य समिति में निहित हैं, जिनका उपयोग, यह अपने विवेक से गठन में नहीं दिए गए विषयों पर करेगी।