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V सत्याग्रह
पूना
गिरफ्तार
सत्याग्राही
बंबई प्रांत में अनुसूचित जाति परिसंघ के अनुयायियों ने पूना में आज अपना अहिंसक सत्याग्रह शुरु किया जिसका प्रयोजन ब्रिटिष केबिनेट के उस प्रस्ताव के विरुद्ध विरोध करना था जिससे उनके प्रति अन्याय कांग्रेसी शड्यंत्र के फलस्वरुप किया गया है।
छह सत्याग्राहियों चार महिलाएं और दो पुरुषों पहला दल आज सुबह परिषद् हॉल के सामने पूना जिला मजिस्ट्रेट के आदेशों का उल्लघंन करने और परिषद् सभा-भवन के आगे प्रदर्शन करने के लिए गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार लोगों में नासिक से अनुसूचित जाति परिसंघ की कार्य समिति की सदस्या श्रीमती शांताबाई दानी और परिसंघ की बंबई शाखा के अध्यक्ष श्री बी.के. गायकवाड़ की पत्नी श्रीमती गीताबाई गायकवाड़ शामिल है।
सभा-सत्र शुरु होने से तत्काल पूर्व ये छह सत्याग्राही परिषद हाल के प्रांगण के द्ववारों पर चौकीदारी कर रही पुलिस को चकमा देकर प्रांगण में घुस गए और घुसते ही अपनी, जेबों से काले झंडे निकालकर ब्रिटिश साम्राज्यवाद मुर्दाबाद, कांग्रेस मुर्दाबाद और पूना पैक्ट रद्द करों के नारे लगाने लगे।
दो और दल जिसमें आठ महिलाएं और छह पुरुश थे बाद में लगभग दोपहर एक बजे प्रांगण दीवार के प्रवेश द्ववार पर गिरफ्तार किए गए। लगभग उसी समय जब सत्याग्राहियों का पहला दल अपना प्रदर्शन कर रहा था, अनुसूचित जातियों का एक बड़ा जलूस जिला मजिस्ट्रेट के आदेश का उल्लघंन करके परिषद् हॉल की ओर जा रहा था, उसे बार मोरियल के निकट स्टेशन रोड़ पर चाक लाइन पर रोका गया। यह चाक लाइन परिषद् सभा-भवन से आधे मील की दूरी पर इगित करने के लिए खींची गई थी। जिला मजिस्ट्रेट आदेश के अनुसार परिषद् सभा-भवन के आधे मील के क्षेत्र में किसी जलूस की अनुमति नहीं थी।