350 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
III
लखनऊ सत्याग्रह
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उŸार प्रदेश अनुसूचित जातियों की अपने अधिकारों के
लिए लड़ाई
पुलिस ने शंतिपूर्ण सत्याग्रहियों पर लाठियां चलाई
राजभोज और तिलकचंद गिरफ्तार
यू.पी. अनुसूचित जाति परिसंघ द्वारा शुरु किए गए सत्याग्रह ने उस समय गंभीर मोड़ ले लिया जब सवर्ण हिंदू पुलिस वालों ने अछूत महाला सत्याग्रहियों के साथ अभद्र 64 से व्यवहार किया। सŸारुढ़ कांग्रेस मंत्रालय द्वारा सामान्य रुप से सत्याग्रहियों और विशेष रुप से महिला सत्याग्रहियों के साथ अमानवीय व्यवहार करने के फलस्वरुप श्री राजभोज, प्रधान सचिव, अखिल भारतीय अनुसूचित जाति परिसंघ ने सत्याग्रह आंदोलन की बागडोर अपने हाथ में लेली और वे 18 अप्रैल को गिरफ्तार कर लिए गए। श्री तिलकचंद कुरील, अध्यक्ष, उ.प्र.अनु.जा.परि. भी गिरफ्तार कर लिए गए। सत्याग्रह के बारे में समाचार हमने अपने पिछले अंक में उ.प्र.अनु.जा. परि. सत्याग्रह डायरी के अधीन प्रकाशित किया है। उपर्युक्त सत्याग्रह की संक्षिप्त रोजमर्रा की रिपोर्ट प्रस्तुत है।
1 जयभीम, 16 सितंबर, 1946, पृ. 7