81. परिशिष्ट-VI पूना पैक्ट लादकर गांधी ने अछूतों का मताधिकार-से वंचित किया ब्रिटिश नेताओं ने गांधीवादी दांवपेजों की कटु आलोचना की - Page 376

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परिशिष्ट-
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आलोचना की

लॉर्ड विन्टरटन ने अनुसूचित जातियों की स्थिति पर हाउस ऑफ कॉमन्स में 16 जुलाई को भारत स्वतंत्रता बिल पर हुए वाद-विवाद के दौरान बोलते हुए कहा कि श्री गांधी द्वारा भारत के संबंध में की गई बहुत-सी हानिकर बातों से एक पूना पैक्ट को लागू करवाने में उनकी सफलता है। अगर वह यह कार्रवाई न करते तो इन लोगों को आज उपलब्ध मताधिकार की अपेक्षा बेहतर मताधिकार मिला होता, लेकिन श्री गांधी ने आमरण अनशन की धमकी दे डाली। यदि अंतरण के बाद उन्होंने पुनः आमरण अनशन की धमकी दी तो इससे ब्रिटिश सरकार का कोई सरोकार नहीं होगा।

यह कहा जा रहा है कि ऐसा करके ब्रिटेन ने भारत को अखाड़ा दे दिया है। अखाड़ा बनाने में सब से बड़ा हाथ श्री गांधी का है और उन्होंने खेद प्रकट किया कि ऐन वक्त पर भी श्री गांधी ने उस कठिन कार्य को कोई महत्व नहीं दिया जिसका निश्पादन एक ओर ब्रिटिश और दूसरी ओर श्री जिन्ना और श्री नेहरु ने किया था।

एक और प्रमुख अनुदान नेता श्री बुचर, जो भारत में अल्पसंख्यकों की समस्या पर बोले उन्होंने कहा,

“ अल्पसंख्यकों पर बहुत कम ध्यान दिया गया है, विशेश रुप से समिति चरण पर। उनका मामला उठाना असल में असंभव है, वास्तव में यह करना अत्यधिक कठिन है क्योंकि यह सदन आज भारतीयों को संप्रभुता और सला अंतरण करने का

* अवधि पता नहीं चल पाई-संपादक

  1. जयभीम, 25 मई, 1947 पृष्ठ 2