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376 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय परमोच्च

की

परिभाषा

शक्ति

केबिनेट मिशन द्वारा परमोच्च शक्ति के संबंध में अपनाई गई स्थिति के विरुद्ध केस को निम्न प्रस्तावों में नियत किया जा सकता हैः

(i) परमोच्च शक्ति के चारों ओर से घिरे होने के अत्यधिक गूढ़ार्थ का कारण यह है कि अधिकांश लोगों को यह नहीं मालूम कि इसका अर्थ क्या है। परमोच्च षक्ति केवल क्राउन के परमाधिकार का मात्र दूसरा नाम है। यह सच हे कि क्राउन के परमाधिकार के रुप में परमोच्च षक्ति दो पहलुओं में क्राउन के साधारण परमाधिकार से भिन्न हैः

(क) क्राउन के साधारण परमाधिकार का आधार स्टेट्यूटला से भिन्न कामनला में निहित है जबकि परमोच्च शक्ति से उत्पन्न परमाधिकार, प्रथाओं द्वारा अनुपूरक संधिवार्ताओं में निहित है।

(ख) क्राऊन के कामनला परमाधिकार का विस्तार राजा के डोमिनियनों में निवासी सभी प्रजाओं पर और उनमें अस्थाई रुप से विदेशी निवासियों पर होता है जबकि परमाधिकार के रुप में परमोच्च शक्ति का विस्तार केवल भारतीय राज्यों पर है। असंदिग्ध रुप से परमोच्च शक्ति क्राउन के परमाधिकार का अभिन्न अंग है इन भिन्नताओं के होते हुए भी तथ्य यही है कि परमोच्च शक्ति क्राउन का परमाधिकार है।

(ii) परमोच्च शक्ति राजा का परमाधिकार होने पर परमोच्च शक्ति का प्रयोग, सामान्य राय के विपरीत, अंतर्राष्ट्रीय विधि के नियमों के अधीन न होकर ब्रिटिश साम्राज्य की उस राष्ट्रीय विधि के भाग के अधीन है जिसे संविधान का नियम कहते हैं।

(iii) ब्रिटिश साम्राज्य की सांविधानिक विधि के नियमों के अनुसार जबकि परमाधिकार राजा में निहित है, राजा अपने परमाधिकार का प्रयोग अपनी इच्छा से नहीं कर सकता। राजा अपने मंत्रियों की सलाह के बिना स्वतंत्र रुप से इसका प्रयोग नहीं कर सकता। वह इसका प्रयोग केवल मंत्रियों द्वारा उसको दी गई सलाह के अनुसार ही कर सकता है। परमोच्च

का

अंतरण

शक्ति

“ सन् 1983 से 1935 के बीच भारत सरकार से संबंधित संसद द्वारा पारित विभिन्न अधिनियमों में परमोच्च शक्ति के निपटारे के लिए अपनाई गई भिन्न प्रणालियां किसी भी प्रकार से भारतीय लोगों द्वारा परमोच्च षक्ति के प्रयोग के लिए क्राउन को सलाह देने के दावे को प्रभावित नहीं करती या नहीं कर सकती। साम्राज्य की