392 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
कॉलेज टिप्पणी
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हम संतोषजनक रूप से नोट करते हैं कि मि. फिजी, जो डॉ. अम्बेडकर से किसी भी रूप में कम नहीं, जैसे व्यक्ति को कार्यभार सौंपा है। एक प्रतिष्ठित कानूनविद् होने के साथ-साथ, वह अर्थशास्त्र का प्रतिभाशाली छात्र एवं जिसका संवैधानिक कानून पर पूर्ण अधिकार है एवं जिसके व्यक्तित्व की ख्याति भारत के साथ-साथ विदेशों तक फैली हुई है। उसके बारे में और अधिक लिना निरर्थक है। प्रधानाचार्य से अधिक अपेक्षा रखते हुए हमें उसे अभी किंकर्त्तव्यविमूढ़ नहीं बनाना है। हमें प्रतीक्षा करनी चाहिए।
एक ही व्यवसाय में कार्यरत व्यक्तियों के मध्य योग्यता के मामले में, परीक्षा के मामले एवं हैसियत के मामले में इस प्रकार की विभिन्नता एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण तथ्य है। जबकि यह स्वीकार किया जा सकता है कि यह सब अत्यन्त असंतोषजनक होने के साथ-साथ खेदजनक भी है। मैं नहीं समझता कि इस पर तर्क-वितर्क किया जाये क्यों कि इस से समस्या ही खड़ी होती है। चूँकि मैं इस बात को नहीं मानता हूँ कि यह प्रणाली जटिल एवं अतार्किक है क्योंकि इससे भयानक परिणाम उत्पन्न होते हैं कि इसमें कोई सन्देह नहीं है कि इस स्थिति में अनियमिततयें हैं लेकिन शिक्षा के अन्य क्षेत्रों में भी अनियमिततयें हैं। केवल दो उदाहरण देखें, एक चिकित्सा क्षेत्र तथा दूसरा इंजीनियरिंग व्यवसाय से। बम्बई विश्वविद्यालय ने चिकित्सा अध्ययन के लिए पाठ्यक्रम प्रारंभ किया हुआ है, जिसके उत्तीर्ण करने पर एक व्यक्ति एम.बी.बी.एस. डिग्री धारक बन जाता है। इसके समानान्तर एवं साथ-साथ सरकार द्वारा आयोजित एल.सी.पी.एस. पाठ्यक्रम प्रारंभ किया हुआ है, जिसके पूर्ण किये जाने पर व्यक्ति पर एक डिप्लोमा प्राप्त करने का अधिकारी बनजाता है। बम्बई विश्वविद्यालय ने इंजीनियरिंग का पाठ्यक्रम निर्धारित किया हुआ है, जिसके पूर्ण होने पर सफल प्रत्याशियों को (बी.ई.) इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्रदान की जाती है। विक्टोरिया जुबली तकनीकी संस्थान में भी इंजीनियरिंग का एक पाठ्यक्रम है, जिसकी समाप्ति पर विद्यार्थी को एक डिप्लोमा प्रदान किया जाता है। व्यक्ति जो विश्वविद्यालय से डिग्री प्राप्त करता है, व्यवसाय में प्रैक्टिस करता है, तथा सरकारी एवं गैर-सरकारी दोनों विभागों में रोजगार प्राप्त कर सकता है। इस संबंध में कोई शिकायत नहीं करता क्योंकि प्रत्येक श्रेणी वाले व्यक्ति को अपने प्रशिक्षण के अनुरूप कार्य मिल जाता है। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसा कानूनी व्यवसाय में होता है यदि कोई इसके कार्यकलाप को समझना चाहे तो उसको समझ सकता है। मुख्तियार निम्नतम क्रम में फौजदारी न्यायालयों तक ही सीमित है और छुट-पुट मामले ही लेता है। बार काउंसिल के वकील अपीलीय न्यायालय तालुका में उप-न्यायाधीश