90. बंबई प्रेजीडेन्सी में कानूनी शिक्षा के सुधार पर विचार - Page 417

398 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

कला-महाविद्यालय में दो वर्षों के लिये क्यों भेजा जाता है जहाँ वकील के लिए नियत अध्ययन पाठ्यक्रम की प्रारम्भिक शिक्षा भी प्रदान नहीं की जाती।

मेरे विचार से मैट्रिक के तत्काल उपरान्त विद्यार्थी को कानून का अध्ययन आरम्भ करने की अनुमति प्रदान करने के प्रस्ताव से तीन लाभ होंगे :-

प्रथम लाभ जिसके साथ मैं उत्कृष्टता मूल्य जोड़ता हूँ वह है वर्तमान में एक विद्यार्थी जो विधि-पाठ्यक्रम में प्रवेश लेता है, उसका व्यवसाय हेतु स्वयं को सफल करने के उद्देश्य हेतु कानून के अध्ययन का कोई निर्धारित लक्ष्य नहीं है। वह यहाँ केवल अपने लाभ के साथ एक और डिग्री जोड़ने के उद्देश्य से आता है। यह उसकी अन्तिम शरण स्थली है जहाँ वह आश्रय ले या नहीं अर्थात् यह उसका जीविका उपार्जन का अन्तिम अवसर होता है, जिसे वह अपनाये या नहीं। संभवतः वह विधि महाविद्यालय में इसलिये आता है क्योंकि वह बेरोजगार है और यह नहीं जानता कि इस वक्त वह क्या करें। अपने जीवन के लक्ष्य में अस्थिरता के कारण कानून के छात्र में कोई गम्भीरता नहीं होती है एवं इस कारण से उसका कानून का अध्ययन अव्यवस्थित रहता है। उसे इस पर दृढ़ रहने के लिये विवश किया जाना आवश्यक है। एक छात्र जो कला स्नातक है, उसे इस उद्देश्य में स्थिरता नहीं हो सकती, क्योंकि एक कला स्नातक बी.ए. के रूप में उसके पास अन्य क्षेत्रों के अवसर भी उपलब्ध हैं। मेरी योजना में छात्र की प्रारम्भिक अवस्था में अपनी इच्छा अनुसार कार्य करने हेतु दबाव बनाने का लाभ है और हमारे देश में इस अवस्था में हरेक को अपने व्यवसाय का चुनाव कर लेना चाहिए।

  1. मेरे प्रस्ताव का दूसरा लाभ अर्थव्यवस्था एवं दक्षता के सम्मिलित रूप में है।

एक छात्र अपनी कानूनी शिक्षा 4 वर्ष में पूरी करेगा। इससे वर्तमान प्रणाली

की अपेक्षा दो वर्ष कम लगेंगे। वैकल्पिक सुझाव में भी छः वर्ष अपेक्षित हैं।

निर्धन विद्यार्थियों के मतानुसार वर्तमान प्रणाली की तुलना में इस प्रणाली से

कोई लाभ नहीं है। प्रशिक्षण की दृष्टि से मैंने यह कहने का साहस जुटाया

है कि वर्तमान प्रणाली के साथ-साथ समिति द्वारा सुझाई गई वैकल्पिक

प्रणाली मेरी प्रणाली की तुलना में कमजोर है। वर्तमान प्रणाली अध्ययन हेतु

केवल दो वर्ष की अनुमति देती है जो कि निःसन्देह अपर्याप्त है। वैकल्पिक

योजना में 3 वर्ष की अवधि रखी गई है, लेकिन मेरी योजना में पूरे चार

वर्षों की व्यवस्था है अतः दक्षता की दृष्टि से यह दोनों से बेहतर है।

  1. तीसरा लाभ यह कि इससे चयन की प्रक्रिया एवं दक्षता लागू होगी। जिनका

इस व्यवसाय में प्रविष्टि का कोई निश्चित उद्देश्य नहीं है उन्हें इससे बाहर