10. ग्रेट ब्रिटेन का समर्थन आवश्यक - Page 44

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उन्होंने सामूहिक कार्रवाई द्वारा पहली ही बार में जर्मनी के आक्रमण का करारा जवाब देने के बजाए जर्मनी को एक के बाद दूसरे आक्रमण का मौका दिया और विशेष रूप से चेकोस्लोवाकिया जैसे राष्ट्रों के जीवन और स्वतंत्रता की कुर्बानी से जर्मनी के तुष्टीकरण की नीति अपनाते रहे, जबकि उनका कर्त्तव्य उन राष्ट्रों का संरक्षण करना था। हिटलर को पाँच बार जीतने दिया गया और पोलैंड उसकी छठी जीत हो सकती है।

इंडिपेंडेंट लेबर पार्टी महसूस करती है कि अब जो ताकतें उसका विरोध करने के लिए आगे आई हैं उन्हें पहले ही उससे सख्ती से निपटना चाहिए था।

छोटे और कमजोर राष्ट्रों के जीवन और स्वतंत्रता की कुर्बानी देकर जर्मनी के साथ शांति स्थापित करने से उनके युद्ध करने के नैतिक आधार का बहुत नुकसान हुआ है।

इंडिपेंडेंट लेबर पार्टी महसूस करती है कि न्यायोचित और स्थायी शर्तों पर शांति स्थापित करने और शांति की शर्तों को कुचलने से बचाने की सच्ची आकांक्षा के अभाव के कारण युद्ध लड़े जाते हैं। तीन अनिवार्य शर्तें

ग्रेट ब्रिटेन और फ्रांस ने यह कभी नहीं समझा कि सामूहिक सुरक्षा अच्छी बात तो है परन्तु इतना करना ही पर्याप्त नहीं होता। 1914 के युद्ध में सामूहिक सुरक्षा में कोई कमी नहीं थी। आक्रांता का मुकाबला करने के लिए अनेक बड़े राष्ट्र थे और आक्रांता को खाक में मिला दिया गया था। लेकिन आक्रांता अपनी कब्र से फिर उठ

खड़ा हुआ और अब सबके सिर पर चढ़ गया है।

यह दर्शाता है कि आक्रांता को खाक में मिलाने के लिए केवल उसे जीतना पर्याप्त नहीं है। इंडिपेंडेंट लेबर पार्टी महसूस करती है कि यदि युद्ध का परिणाम स्थायी शांति में होना है तो निम्नलिखित जैसी कतिपय सावधानियां बरती जानी चाहिएं।

पहली :- विजय की परिणति शांति में होनी चाहिए जो न्यायोचित हो। दूसरी :-सामूहिक कार्रवाई द्वारा शांति की रक्षा की जानी चाहिए।

तीसरी :-शांति भंग चाहे कहीं हो, निकट अथवा दूर और इसका शिकार चाहे जो बने, शांति के समर्थक देश को उसकी रक्षा के लिए तैयार रहना चाहिए।

इन सावधानियों के बिना युद्ध को समाप्त करना संभव नहीं है। निःसंदेह इंडिपेंडेंट लेबर पार्टी इन सिद्धांतों से इतनी प्रभावित है कि यह महसूस करती है कि प्रारंभिक चरण