106. हिन्दू महिला का उत्थान एवं पतनः इसके लिए जिम्मेवार कौन था? - Page 514

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महावन में अपनी दीप्त सुन्दरता की कान्ति बिखेरते हुए बुद्ध के समक्ष उपस्थित हुई जब वह वैशाली में रह रहे थे।

राजा प्रसनजीत की रानी मलिका अक्सर बुद्ध के पास धार्मिक उपदेश सुनने के लिए जाया करती थी।

इन उदाहरणों से यह स्पष्ट है कि बुद्ध महिलाओं से परहेज नहीं करते थे और महिलायें भी बुद्ध के पास जाने से डरती नहीं थीं।

यह सत्य है कि बुद्ध भिक्षुकों को परामर्श देते थे कि भिक्षुक साधारण अनुयायियों के परिवारों में जाने की आदत न बनायें। ऐसा इस भय से करते थे कि महिलाओं से अक्सर मिलने से उनके प्रति झुकाव होना मानव की कमजोरी है। परन्तु वह इस प्रकार के मिलन से मना नहीं करते थे और न ही महिलाओं के प्रति तिरस्कार की भावना रखते थे।

यह भी सत्य है कि बुद्ध बह्मचर्य बनाये रखने के प्रबल समर्थक थे। वह गंभीरता से इस तथ्य से अवगत थे कि, उनके शब्दों में, महिला ब्रहा्रचर्य के जीवन को कलंकित करती है। परन्तु वह क्या परामर्श देते थे? क्या वे भिक्षुकों को परामर्श देते थे कि महिलाओं से सभी संबंध विच्छेद कर दिये जायें? बिल्कुल भी नहीं। उन्होंने कभी ऐसी रोक नहीं लाई। ऐसा कुछ कहने की बजाय वह भिक्षुकों से कहा करते थे कि जब कभी किसी महिला से मिलें तो उसे माँ के रूप में, बहन के रूप में या बेटी के रूप में जैसा भी मामला हो अर्थात् महिला का सम्मान इस प्रकार से करो जैसा आप अपनी माँ, बहन या पुत्री का करते हैं।

दूसरा संभावित आधार यह है जिस पर बुद्ध के विरोधी दोषारोपण का समर्थन करते हैं। वह है बुद्ध का संघ में महिलाओं को सम्मिलित करने तथा भिक्खू संघ के अधीन भिक्खुनि/भिक्षुकनी संघ (जिसकी उन्होंने अन्ततः स्वीकृति दे दी) बनाने का विरोध करना है। यहाँ भी एक बार स्थिति का विश्लेषण करने की आवश्यकता है। बुद्ध ने महाप्रजापति की परिव्रजा लेने की माँग का विरोध क्यों किया? क्या उसने इस का विरोध इसलिए किया कि उसकी यह राय थी कि महिलायें निम्न श्रेणी की हैं और उनके प्रवेश से लोगों की नज़रों में संघ की हैसियत कम हो जाएगी या क्या उसने इसका विरोध किया कि उसकी राय यह थी कि उसके सिद्धान्त एवं उसके अनुशासन को समझने के लिए बुद्धिमत्ता एवं नैतिकता की दृष्टि से महिलायें अक्षम हैं? निश्चिय रूप से इन दोनों प्रश्नों में से दूसरा प्रश्न आनन्द ने तर्क के दौरान बुद्ध से तब पूछा होगा जब उसने बुद्ध को कुछ हद तक हठी पाया होगा। बुद्ध ने