106. हिन्दू महिला का उत्थान एवं पतनः इसके लिए जिम्मेवार कौन था? - Page 527

508 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

इन सबसे श्रेष्ठ है और ब्राहा्रण की हत्या ही महापातक है। परन्तु उन्होंने यह नियम महिलाओं पर क्यों नहीं लागू किया?

क्योंकि मनु की नज़रों मे महिला किसी मूल्य की नहीं है।

इन उद्धरणों के आधार पर भी क्या कोई संदेह कर सकता है कि यह मनु था जो भारत में महिलाओं के पतन के लिए जिम्मेदार था। अधिकतर लोग शायद इससे अवगत हों। परन्तु वे दो बातें जानने के इच्छुक प्रतीत नहीं होते। महिला के संबंध में मनु के नियमों में कुछ नया या चौंका देने वाला नहीं है। ये ब्राहा्रणों के तब के विचार हैं जबसे ब्राहा्रणवाद ने भारत में जन्म लिया है। मनु पूर्व यह केवल सामाजिक सिद्धान्त के रूप में विद्यमान थे। मनु ने केवल सामाजिक सिद्धान्त को राज्य के कानून के रूप में परिवर्तित कर दिया। दूसरी बात जो वे नहीं जानते, वह कारण है जिससे मनु ने महिलाओं को असमर्थ बनाया। वह यह है कि आर्य समाज के दो मुख्य वर्ग शूद्र एवं महिलाओं की भीड़ बुद्ध धर्म को अपनाने के लिए उमड़ रही थी और वादी मनु को बौद्ध धर्म की ओर बढ़ रही महिलाओं के बहाव पर बाँध बाँधना था।

इसलिए मनु ने ये असमर्थतायें महिलाओं पर थोपीं थीं कि वे स्थायी रूप से अपंग हो जाएँ। जिनको इस पर संदेह हो वह मनु स्मृति में दी गई निम्नलिखित निषेधाज्ञाओं पर विचार करें :-

v. 88. व्यक्ति की मृत्यु पर किये जाने वाले अन्तिम संस्कार एवं अन्त्येष्टि उन व्यक्तियों की न की जाए जो अन्तर्जातीय माता-पिता से उत्पन्न हां, जो एकान्तवास के अभ्यस्त हों और जिन्होंने अपना जीवन आत्महत्या कर समाप्त कर लिया हो।

v. 89. ऐसे संस्कार उन महिलाओं के भी न किये जायें, जो अपने धर्म के विरोधी धर्म को स्वतंत्र रूप से अपनाती हैं, जिन्होंने अपने गर्भ में बच्चे को आहत कर दिया हो या उनके पति जिन्होंने ऐसा करवाया हो तथा जो मद्यपान करती हों।

अन्य के साथ इस निषेधाज्ञा का उद्देश्य (1) जो एकान्तवास का अभ्यस्त हो और (2) महिलायें जिन्होंने अपने धर्म-विरोधी धर्म को अपना लिया हो। इस निषेधाज्ञा में एकान्तवास को परिव्राजक के संदर्भ में लिया गया है अर्थात् वे जिन्होंने अपने घरों का परित्याग कर दिया है और संन्यास धारण कर लिया है और धर्म-विरोधी धर्म को अपनाने के संबंध में कोई संदेह नहीं है कि यहाँ मनु के मस्तिष्क में बुद्ध धर्म था। अतः यह स्पष्ट है कि जब मनु ने घोषित किया कि एकान्तवासी या जो महिला अपने