12. अत्यंत अस्पष्ट योजना सलाहकार समिति में डॉ. अम्बेडकर - Page 53

34 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

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इंडिपेंडेंट लेबर पार्टी के नेता डॉ भीमराव अम्बेडकर ने यह बयान जारी किया हैः-

डॉ. बी. आर. अम्बेडकर की अध्यक्षता में इंडिपेंडेंट लेबर पार्टी की कार्यकारी परिषद की दिनांक 21 अक्तूबर को हुई बैठक में निम्नलिखित प्रस्ताव पारित किया गया :

इंडिपेंडेंट लेबर पार्टी की कार्यकारी परिषद वर्तमान युद्ध से उत्पन्न स्थिति के संबंध में जारी किए गए वक्तव्य की पुष्टि करती है।

पार्टी की कार्यकारी परिषद ने महामहिम वायसराय द्वारा 27 अक्तूबर को की गई घोषणा पर विचार किया है।

परिषद की राय में भारत के लोगों की आकांक्षाओं और मांगों के बारे में अंग्रेज सरकार की ओर से एक बेहतर तथा अधिक संतोषजनक उत्तर आता, यदि कांग्रेस ने इस देश के विभिन्न समुदायों और वर्गों के बीच एकता कायम करने का प्रयास किया होता।

महामहिम वायसराय के इस आश्वासन को देखते हुए कि युद्ध समाप्त होने के बाद सरकार तुरंत विभिन्न समुदायों, पार्टियों और हितबद्ध लोगों के प्रतिनिधियों के साथ भारत के संविधान में संशोधन करने के लिए विचार-विमर्श करेगी और इस तथ्य के मद्देनजर कि ब्रिटिश सरकार ने भारत के उद्देश्य के रूप में उसके औपनिवेशिक दर्जे के अनुपालन की घोषणा की है और इस तथ्य को भी देखते हुए कि युद्ध का घटनाक्रम एक ऐसा मोड़ ले सकता है कि भारत की रक्षा का प्रश्न ग्रेट ब्रिटेन की मदद करने से भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाए, कार्यकारी परिषद महसूस करती है कि वर्तमान समय ग्रेट ब्रिटेन के साथ सहयोग को स्थगित रखने का उचित अवसर नहीं है।

बहरहाल, परिषद की राय में सलाहकार समिति के गठन का प्रस्ताव संतोषजनक नहीं है। इस प्रश्न के अलावा कि प्रस्तावित समिति को न तो निर्णय लेने का अथवा दिशा-निर्देश देने का अधिकार होगा, यह केवल अस्थायी लोगों का एक निकाय बनकर रह जाएगी। समिति की यह राय है कि पैनल प्रणाली इस प्रस्ताव की सबसे आपत्तिजनक बात है। तथापि, इस प्रस्ताव पर पार्टी द्वारा कोई अंतिम या सुविचारित मत व्यक्त किए जाने से पहले प्रस्तावित समिति की संरचना, कार्यों, अधिकारों और दायरे के विशेष संदर्भ में इस योजना का विस्तृत विवरण दिया जाना जरूरी है - एसोसिएटेड प्रेस” ख्1,

1 द बॉम्बे क्रॉनिकल, दिनांक 24 अक्तूबर, 1939 ***