13. सामाजिक समरसता के माध्यम से ही हम एक राष्ट्र बन सकते हैं - Page 54

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सामाजिक समरसता के माध्यम से ही हम एक राष्ट्र बन सकते हैं

इंडिपेंडेंट लेबर पार्टी के नेता डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ने सोमवार दिनांक 5 फरवरी, 1940 को कांग्रेस और मुस्लिम लीग के दष्टिकोण पर चर्चा करते हुए कहाः

“मैं गांधी जी और कांग्रेस से सहमत नहीं हूं जब वे यह कहते हैं कि भारत एक राष्ट्र है। मैं मुस्लिम लीग की विदेश संबंधी समिति के इस कथन से भी सहमत नहीं हूं कि एक राष्ट्र के रूप में हिन्दुओं और मुसलमानों को जोड़ा नहीं जा सकता।”

उन्होंने आगे कहा “मेरा मानना है कि हम एक राष्ट्र नहीं हैं। परन्तु मुझे इस बात की पूरी आशा है कि हम एक राष्ट्र हो सकते हैं बशर्ते सामाजिक समरसता की समुचित प्रक्रिया की शुरुआत की जाए।” ख्1,

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1 द टाइम्स ऑफ इंडिया, मंगलवार, 6 फरवरी, 1940

पुनर्मुद्रण खैरमौडे खण्ड 9, पृष्ठ 31