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से दूसरे स्थान पर घूमकर खानाबदोशी का जीवन-यापन करते हैं क्योंकि उनकी सम्पदा भेड़ें और अन्य पशु होते हैं और भेड़ें और पशु एक स्थान से दूसरे स्थान पर घूमते हैं और इनके स्वामी भी उस स्थान पर जाते हैं जहाँ उनके पशुधन उनको ले जाते थे। जिस समुदाय ने खेती जोतने की कला सीख ली और अपने उत्पाद का मूल्य समझना शुरू कर दिया, उस समुदाय ने खानाबदोशी का जीवन त्याग कर एक स्थान पर स्थायी जीवन-यापन करना प्रारम्भ कर दिया क्योंकि उनकी अचल सम्पत्ति भूमि थी। अब यह प्रक्रिया जिसमें खानाबदोशों ने स्थायी जीवन को स्थान दिया, एक लम्बी प्रक्रिया है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें कुछ घूमते रहते थे और कुछ स्थायी रूप से रहने लग जाते थे। मानव सभ्यता के प्रारम्भिक इतिहास के विद्यार्थियों को भलीभाँति यह जानकारी होगी कि उन प्रारम्भिक दिनों में सामाजिक जीवन कबीलों में संगठित था और ये कबीले प्रायः एक-दूसरे से लड़ते रहते थे। इन विचारों के परिप्रेक्ष्य में प्रारम्भिक अवस्था पर विचार करते हैं जब समुदाय या कबीलों ने खानाबदोशी का जीवन छोड़ स्थायी जीवन-यापन प्रारम्भ कर दिया तथा विचार करें कि उनकी धरती पर सर्वोच्च आवश्यकताओं में से कौन सी आवश्यकता अनुभव की गई होगी। यहाँ जो कबीले बस गये और अपनी बस्ती बना ली, जिसे जब गाँव की संज्ञा दी गई, इसमें मक्का होती है। इसमें भेड़ें एवं अन्य पशु होते हैं। दूसरी ओर यह उन कबीलों से घिरे रहते जो खानाबदोशी हैं और उनकी लालची आँखे उनके अनाज तथा गायों तथा भेड़ों पर होती थीं। स्पष्टतः ऐसे स्थायी रूप से बसे हुए कबीलों की प्रथम एवं सर्वोपरि समस्या अपने आपको इन खानाबदोशी कबीलों के घावों एवं आक्रमणों से बचाव करना होता होगा। वे अपना बचाव कैसे कर सकते थे? वह इस बचाव की व्यवस्था कैसे कर सकते थे? स्पष्ट है कि वे अपनी तथा अपने अनाज या अपने पशुओं के बचाव के लिए रक्षात्मक या आक्रमणकारी बचाव के लिए अपने आपको हमेश संघर्षरत नहीं रख सकते थे। चूँकि उनकी सारी ऊर्जा कृषि के कामों में लग जाती थी, कृषि का व्यवसाय उनके लिए नया था और इसके लिए उन्हें अपने स्वयं के शारीरिक श्रम पर निर्भर रहना होता था। इस प्रकार अपने आप के बचाव के लिए उन्हें अपने कबीले के अध्यक्ष पर निर्भर रहना होता था। परन्तु कबीले का मुखिया अपने कबीले की सुरक्षा कैसे कर सकता था जो की स्थापित थे और मेहनत से अपने खेत जोतने में लगे हुए थे और न तो उनके पास समय था और न ही उनके पास अपने व्यक्ति थे जो उनकी ओर हथियार उठा सकें। अतः कबीले के मुखिया खानाबदोशों के आक्रमणों से अपने कबीले की रक्षा के लिए अपनी कमान के अधीन कार्य करने केलिए सैन्यबल को बढ़ाने के लिए किसी अन्य स्रोत को ढूँढते थे। कबीलों का मुखिया अपने सैन्य-बल के लिए सैनिकों की भर्ती किन वर्गों से कर सकते हैं। स्पष्टतः एक स्रोत से। कबीलों के युद्ध काफी लम्बे समय तक नहीं