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इस संबंध मं उन्होंने अपने समविचारकों एवं समकालीनों जैसे डॉ. राम मनोहर लोहिया से पत्र-व्यवहार भी किया था।
अनुसूचित जाति संघ की कार्यकारिणी की बैठक दिनांक 30 सितम्बर, 1956 को डॉ० बी.आर. अम्बेडकर के नई दिल्ली स्थित आवास में हुई थी। डॉ. अम्बेडकर ने बैठक की अध्यक्षता की थी। बैठक में पारित प्रस्ताव सं. 2 के अनुसार यह सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया था कि अनुसूचित जाति संघ का विघटन कर ‘रिपब्लिकन पार्टी के नाम से राजनीतिक दल की स्थापना की जाये।
डॉ. बी.आर. अम्बेडकर ने नागपुर में 13 अक्टूबर, 1956 को एक प्रेस सम्मेलन को सम्बोधित किया जिसमें उन्होंने स्पष्टतया बताया कि उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के संविधान का प्रारुप पहले से ही तैयार किया हुआ है।
सम्पादक आर. चान्दीदास, बार्ड मोर हाऊस, लियन क्लार्क और रिचर्ड फोनडेरा- ‘इण्डिया वोट’ में रिपब्लिकन पार्टी की प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख निम्न प्रकार से किया है :
‘रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इण्डिया’ एक अखिल भारतीय पार्टी है जिसकी स्थापना स्व० डा. बाबा साहब अम्बेडकर ने की थी- जो एक महान् राजनीतिक विचारक, महान् सामाजिक क्रान्तिकारी और महान् संवैधानिक विशेषज्ञ थे। उन्होंने स्वतन्त्रता, समानता और मित्रता पर आधारित भारतीय समाज के पुनर्निर्माण में अपना जीवन समर्पित कर दिया। दि रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इण्डिया ने अपने आपको इस महान् कार्य के लिए समर्पित कर दिया।
रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इण्डिया का अर्थ है संसदीय प्रजातन्त्र
- द रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इण्डिया सरकार की संसदीय प्रणाली का प्रतिनिधित्व
करेगी, क्योंकि यह जनता के हित और व्यक्ति के हित के लिए सर्वोत्तम किस्म
की सरकार होती है।
- द रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इण्डिया राज्य के धर्मनिरपेक्ष स्वरूप का समर्थन करती
है।
रूपरेखा का मूल पाठ निम्न प्रकार से है :
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एक आन्दोलन कैसे राजनीतिक पार्टी बनी
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भारतीय कांग्रेस की स्थापना 1855 में हुई थी। वर्ष 1947 तक इसने भारतीय