54 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
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केन्द्रीय सिंचाई तथा जलमार्ग सलाहकार बोर्ड से संबंधित
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पहला प्रस्ताव
श्रम विभाग का अभिमत है कि एक केन्द्रीय सिंचाई तथा जलमार्ग सलाहकार बोर्ड का गठन किया जाना समीचीन होगा। हम चाहते हैं कि यह बोर्ड स्थायी रूप से रहे और इसके पास आवश्यक प्राधिकार हों। हमारे विचार से इस बोर्ड की संरचना निम्नानुसार होनी चाहिए :
अध्यक्ष : भारत सरकार के जलमार्ग एवं सिंचाई आयुक्त। इस अधिकारी को भारत के बारे में अनुभव होना चाहिए अतः यह अधिकारी भारतीय इंजीनियरी सेवा का एक वरिष्ठ अधिकारी होना चाहिए। उसे जलमार्ग तथा सिंचाई दोनों का ज्ञान होना अपेक्षित है, परन्तु एक सलाहकार निकाय के रूप से बोर्ड का अधिकार बोर्ड की सामूहिक शक्ति में निहित होगा न कि अध्यक्ष के व्यक्तिगत अधिकार में। (तथापि, वह अपनी व्यक्तिगत क्षमता में भारतीय जलमार्ग विकास संस्थान के कार्यचालन का पर्यवेक्षण करेगा।)
सदस्य : तीन स्थायी सदस्य होंगे : 1. जलमार्ग सदस्य 2. सिंचाई सदस्य 3. पनबिजली सदस्य।
अंशकालिक सदस्य भी होंगे उदाहरणार्थ, किसी भी प्रांत का मुख्य इंजीनियर, जब प्रांतों से संबंधित कोई मामला विचाराधीन हो, भारत सरकार के कृषि सलाहकार, जब कृषि से जुड़ा कोई मामला विचाराधीन हो। विशेष मामलों हेतु सदस्यों को सहयोजित करने का अधिकार भी प्रदान किया जाएगा।
टिप्पणी : इस संरचना के अनुसार बोर्ड में गुरुत्व सिंचाई संबंधी कोई सदस्य नहीं है, परन्तु यह संभाव्य है कि अध्यक्ष को इस विषय का ज्ञान अवश्य होगा।
केन्द्रीय सिंचाई एवं जलमार्ग बोर्ड के दायित्व निम्नानुसार होंगेः-
- निम्नलिखित उद्देश्य से नदी तथा जलमार्ग नियंत्रण से जुड़ी योजनाओं का