20. केन्द्रीय सिंचाई तथा जलमार्ग सलाहकार बोर्ड से संबंधित पहला प्रस्ताव - Page 74

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सूत्रपात, समन्वयन एवं कार्यान्वयन :

(क) बाढ़ की रोकथाम;

(ख) कटाव की रोकथाम;

(ग) जलभराव की रोकथाम;

(घ) सिंचाई के प्रयोजनार्थ जल का नियंत्रण;

(ड.) बिजली के प्रयोजनार्थ जल का नियंत्रण;

(च) सस्ती बिजली के प्रयोग से भूमिगत जल की उपलब्धता;

(छ) जलभराव वाले क्षेत्रों से बिजली के जरिए पानी बाहर निकालने की

कार्रवाई;

(ज) नौवहन प्रयोजनार्थ पानी के बहाव का विनियमन।

  1. सभी प्रमुख जलमार्गों हेतु प्रांतीय सरकारों के परामर्श से जल नियंत्रण योजनाएँ

तैयार करना और परियोजना रिपोर्ट तैयार करना।

  1. जलमार्गों से संबंधित सांख्यिकीय सूचना एकत्र करना और भूजल सर्वेक्षणों

का आयोजन एवं नियंत्रण।

  1. उन सिद्धांतों के बारे में भारत सरकार को सलाह देना जिन्हें प्रांतों के बीच

विवादों के निपटान हेतु निर्धारित किया गया हो।

इसके अलावा बोर्ड को निम्नलिखित मामलों पर परामर्शदाता इंजीनियरों की आवश्यकता होगी-

( i ं) बांधों का निर्माण
( ii ) बैराज निर्माण

एच. सी. प्रायर

सचिव

31.8.44

मैं सहमत हूँ। मुझे केवल यह टिप्पणी करनी है कि क्या अब प्रांतों से विचार-विमर्श करने पर मामले में विलम्ब नहीं होगा। क्या हम उनसे बाद में परामर्श नहीं कर सकते।

बी. आर. अम्बेडकर

9.9.1944” ख्1,

1 थोरात, मुद्रित पृष्ष्ठ 150-151 ***