56 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
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“वायसराय की कार्यकारी परिषद के लेबर मेम्बर डॉ. भीमराव अम्बेडकर के मंगलवार शाम पूना एक्सप्रेस से यहाँ आगमन पर विक्टोरिया टर्मिनल पर भारी संख्या में जुटे समर्थकों और प्रशंसकों ने उनका स्वागत किया। *
कई अनुसूचित जातियों और अन्य अनेक एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों ने प्लेटफार्म पर उतरते ही डॉ. अम्बेडकर को फूलमालाओं से लाद दिया।
उनके सम्मान में एक शोभा यात्रा निकाली गई जो स्टेशन से शुरू होकर दादर स्थित राजगृह पर समाप्त हुई। ख्1,
टाइम्स ऑफ इण्डिया के प्रतिनिधि के साथ बुधवार ** को हुई बातचीत में माननीय डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने कहा कि गांधी जिन्ना वार्ता से और कुछ नहीं केवल असफलता की आशा है उन्होंने कहा “वे दोनों खाली दिमाग से नहीं मिले हैं लेकिन यह भी उतना ही सच है कि दोनों खुले दिल से भी नहीं मिले हैं।“
डॉ. अम्बेडकर की राय में अन्य कारणों के अलावा असफलता का कारण गांधीजी और जिन्ना दोनों का अडि़यल रवैया और राजगोपालाचारी फार्मूला की आधारभूत गलती था। उन्होंने आगे कहा कि भारतीय प्रश्न का कोई भी समाधान अनुसूचित जातियों की सहमति के बिना पूरा नहीं हो सकता। न तो गांधीजी और न ही जिन्ना को उनके लिए बोलने का हक है।
इस बातचीत में डॉ. अम्बेडकर ने कहा “मुझे विश्वास नहीं होता कि साम्प्रदायिक समस्या का समाधान करने के लिए गांधीजी और जिन्ना आपस में मिले। जब जिन्ना ने मुलाकात करनी चाही तब गांधीजी ने गुजराती भाषा को सम्प्रेषण के माध्यम के रूप में चुना तब मैंने जान लिया कि बातचीत असफल रहेगी। जिन्ना साहब वह पत्र पाकर बहुत खुश हुए लेकिन इसका निहितार्थ नहीं समझ पाए। गुजराती में पत्र
* 3 अक्तूबर, 1944
** 1 द टाइम्स ऑफ इंडिया, दिनांक 4 अक्तूबर, 1944 4 अक्तूबर, 1944