70 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
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बरार 15 अगस्त को निजाम के पास वापस जाएगा
डॉ. अम्बेडकर द्वारा न्यू इण्डिया बिल की व्याख्या
पिछले सप्ताह दिल्ली में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में सुधार आयुक्त श्री वी. पी. मेनन द्वारा दिए गए उत्तरों के संदर्भ में डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ने कहाः जिस संधि द्वारा बरार का सत्तांतरण अंग्रेजों को किया गया था वह कालातीत हो जाएगी और यह भू-भाग 15 अगस्त को निजाम के पास वापस चला जाएगा, जब भारत से सम्राट का आधिराज्य समाप्त हो जाएगा।
डॉ. अम्बेडकर ने आगे कहा कि “बरार के लोग बड़ी बेसब्री से यह जानने का इंतजार कर रहे हैं कि नए तंत्र के अन्तर्गत उनका भविष्य क्या होगा, उन्हें श्री मेनन के विचार जानकर, यदि वह सही हैं, बड़ी राहत मिलेगी।
“प्रश्न यह हैः क्या उनके द्वारा व्यक्त किए गए विचार सही हैं? मेरे मतानुसार इस विधेयक के खण्ड 2 की धारा 7 में निहित प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए श्री मेनन द्वारा व्यक्त विचार बिलकुल युक्ति संगत नहीं हैं।
“धारा 7 की उपधारा 1(ख) में कहा गया है कि निर्धारित तारीख अर्थात 15 अगस्त से न केवल भारत से सम्राट का आधिराज्य कालातीत हो जाएगा, अपितु सभी संधियों, स्वीकृतियों, रूढि़यों, मौन अनुमति द्वारा भारतीय रियासतों पर अथवा उनके संबंध में सम्राट द्वारा प्रयोग की जा सकने वाली सभी शक्तियां, अधिकार, न्यायाधिकार का प्राधिकार भी कालातीत हो जाएगा। इसका क्या आशय है जब इसे बरार की संधि पर लागू किया जाए? स्पष्टतः इसका तात्पर्य है कि जिस संधि द्वारा बरार का सत्तांतरण अंग्रेजों को किया गया था, वह भी कालातीत हो जाएगी।“
खण्ड 2 बरार पर लागू होता है
यदि इस खण्ड का अर्थान्वयन सही है तो इस उपधारा का प्रभाव यह होगा कि 15 अगस्त को बरार निजाम के पास वापस आ जाएगा। यह तर्क प्रस्तुत करना कि यह खण्ड बरार पर लागू नहीं होता क्योंकि बरार का विशेष रूप से उल्लेख नहीं