90 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
करते हैं उदाहरणार्थ, जब भी कोई मिल के श्रमिक हड़ताल पर जाते हैं तो नौकरी
खोने के साथ-साथ परिवार के सड़क पर आने के डर से हड़ताल के डंक की टीस आधी भी नहीं रह जाती। ऐसी व्यवस्था को चलने नहीं देना चाहिए और आज की सभा में एक ऐसा सुअवसर अवश्य तलाशा जाना चाहिए जिस पर इस विषय से सम्बन्धित अपने मन की भावनाएं दिल खोलकर उड़ेली जा सकें।
आप सदैव यह स्मरण रखें कि उन चर्चित समस्याओं का समाधान मैंने उपयुक्त कानून बनाने में सुझाया है। आपकी शिकायत निवारण के लिए हड़ताल अवश्य ही सुनिश्चित हल नहीं है। मैं आपके हड़ताल के अधिकार के प्रति कोई द्वेष भावना या अनिच्छा नहीं रखता। परन्तु यह एक ऐसा षस्त्र है जिसका प्रयोग कभी कभार ही होना चाहिए। ऐसे कानून को विधानसभा में कैसे पारित करना है का उत्तर हमें पाना है। जब तक आपके प्रतिनिधि विधानसभा में नहीं हैं तब तक आप इस शिकायत का हल नहीं पा सकते। अगर विधायिकाओं में प्रतिनिधि नहीं हैं तो आपकी समस्याएं बनी रहेंगी। ऐसे आदमी तलाशे जो आपके हित के लिए काम करेंगे। अपने प्रतिनिधि की तलाश में कभी यह गलतफहमी ना पालें कि कांग्रेस नेताओं जैसे लोग ही आपके अधिकार की लड़ाई लड़ रहें है। आज के दिन कांग्रेस केवल ब्रिटिश के विरुद्ध एक इकाई के अलावा कुछ भी नहीं है।
काश्तकारां के कल्याण के लिए सभा में प्रस्ताव पारित किए गए तत्पश्चात् सभाध्यक्ष ने कुछ समापन टिप्पणियां करते हुए सम्मलेन का धन्यवाद ज्ञापन दिया। ख्1,
1 बंबई क्रानिकल, 22 दिसंबर, 1934