29. 31.5.1936 मुक्ति का मार्ग क्या है? - Page 133

112 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

धारण करना, धातु के बर्तन में पानी लाना, घोड़े की पीठ पर दूल्हे का सवारी करना इत्यादि जैसे साधारण कारणों पर संघर्ष नहीं हुए होते। इन सभी मामलों में आप अपना धन खर्चते हैं, फिर भी उच्च हिन्दू जाति वाले क्रोधित क्यों होते हैं? उनके गुस्से का मात्र कारण बड़ा सीधा है आपको उनके साथ बराबरी के व्यवहार से उनकी बेईज्जती महसूस होती है। आपका स्तर उनकी आंखों में निम्न है, आप अशुद्ध हैं, वे आपको खुश रहने की आज्ञा तभी देंगे जब आप समाज की सीढ़ी का सबसे निचला डंडा ही बने रहोगे। जैसे ही आप अपने स्तर को पार करते हैं, संघर्ष शुरू हो जाता है। उपरोक्त दिया गया उदाहरण एक और तथ्य को उजागर करता है कि छुआछूत की विशेषता अस्थायी न होकर स्थायी है। सीधे तौर पर कहा जा सकता है कि यह संघर्ष हिन्दू जाति तथा अछूतों के मध्य स्थायित्व तौर पर उल्लेखनीय है। यह संघर्ष कभी रुकने वाला नहीं है, क्योंकि उच्च सवर्ण वर्ग के लोगों के मतानुसार धर्म ने आपको समाज के सबसे निचले स्तर पर रखा है और अपने आप में यह व्यवस्था आदि और अनन्त है। समय तथा परिस्थितियों के अनुसार कोई परिवर्तन सम्भव नहीं है। आप आज समाज की सीढ़ी रूपी रीढ़ के सबसे निम्न स्तर के डंडे हैं। आप सदा ही निम्न स्तर पर रहे व आगे भी बने रहोगे। इसका मतलब है कि हिन्दुओं तथा अछूतों के बीच का संघर्ष आगे भी चलता रहेगा। इस महत्वपूर्ण प्रश्नवाचक संघर्ष के बीच आप कैसे बचे रहोगे और सोच के बगैर आप यहां से बाहर निकल भी नहीं सकते। केवल उनको इस समस्या पर सोचने की आवश्यकता नहीं है जो हिन्दुओं के हुक्म बजाने में जीने की इच्छा रखते हैं, या वे जो उनके दास बने रहने की इच्छा रखते हैं। लेकिन जो आत्मसम्मान तथा समता का जीवन जीने की इच्छा रखते हैं उनको इस प्रश्न पर अवश्य सोचना होगा। इस संघर्ष में हम कैसे जीवित रहेंगे? मेरे अनुसार इस प्रश्न का उत्तर कठिन नहीं है। आप सब श्रोता जो यहां एकत्रित हुए हैं, सहमत होंगे कि किसी संघर्ष में शक्तिशाली ही जीतता है। वह जिसमें शक्ति नहीं है उसे सफलता की आशा भी नहीं करनी चाहिए। यह अनुभव के द्वारा सिद्ध हो चुका है और मुझे इस पर और उदाहरण देने की आवश्यकता नहीं है।

पहले शक्ति हासिल करो
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अब आपको इस प्रश्न पर सोचना आवश्यक है कि क्या इस संघर्ष में अस्तित्व में बने रहने के लिए आप सक्षम हैं? तीन तरह की शक्तियों से आदमी परिचित है। 1. आदमी की ताकत 2. धन, और 3. बौद्धिक शक्ति । इनमें से कौन सी शक्ति आपके पास है? जहां तक आदमी की ताकत का प्रश्न है यह साफ है ंकि आप अल्पसंख्यक हैं। बम्बई प्रेसीडेंसी में अछूत कुल जनसंख्या का केवल आठवाँ हिस्सा है और वे भी असंगठित हैं। उनकी अपनी जातियां उनको संगठित होने की