29. 31.5.1936 मुक्ति का मार्ग क्या है? - Page 157

136 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

वास्तविक धर्म मानें जो कि मुख्यतौर पर उनको मृत्यु के बाद प्राप्त होने वाली खुशियों के बारे में बताता है। लेकिन उनको इससे क्या, जो धर्म विशेष में रहते-रहते जीवन समाप्त होने पर धूल में मिल गए, जिनको जीवन की मूलभूत आवश्यकताऐं जैसे कि रोटी और कपड़े को मना किया गया तथा उनसे मानव जैसा व्यवहार भी नहीं किया गया। क्या इन लोगों से धर्म के नाम पर आप भौतिक आवश्यकताओं का विचार न कर केवल बन्द आंखों से आकाश की तरफ देखते रहने की आशा रखते हैं? गरीबी के लिए इन अमीरों तथा निठ्ठले लोगों के वेदान्त की क्या उपयोगिता है?

धर्म व्यक्ति के लिए हैं
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मैं विशेषतया आपको बताता हूं कि व्यक्ति धर्म के लिए नहीं है न कि धर्म व्यक्ति के लिए। मानव बनने के लिए स्वयं में परिवर्तन लाओ। संगठित होने के लिए स्वयं में परिवर्तन लाओ। शक्ति पाने के लिए स्वयं में परिवर्तन लाओ। एकता लाने के लिए स्वयं में परिवर्तन लाओ। स्वतंत्रता पाने के लिए स्वयं में परिवर्तन लाओ। घरेलू जीवन खुशहाल बनाने के लिए स्वयं में परिवर्तन लाओ।

उस धर्म में आप क्या बने रहना चाहते है जो कि आपके साथ मानव की तरह व्यवहार नहीं करता ? उस धर्म में आप क्यों बने रहना चाहते हैं जो आपको शिक्षा प्राप्ति की आज्ञा नहीं देता? उस धर्म में आप क्यों बने रहना चाहते हैं जो आपको मंदिरों में प्रवेश की मनाही है। उस धर्म में क्या आप क्यों बने रहना चाहते है जो आपको पानी के लिए रोकता है? उस धर्म में आप क्यों बने रहना चाहते है जो आपको नौकरी पाने में बाधा डालता है? उस धर्म में क्या आप क्यों बने रहना चाहते है जो आपको प्रत्येक स्तर पर अपमानित करता है? एक धर्म जो मानव और मानव के अधिकारों के बीच के सम्बन्ध को रोकता है, धर्म न होकर मात्र बल प्रदर्शन है। एक धर्म जो आदमी को आदमी नहीं समझता, धर्म न होकर एक बीमारी है। एक धर्म जो जानवरों को छूने की आज्ञा देता हैं, परन्तु मानव को छूने से मना करता है, धर्म न होकर एक निंदनीय मजाक है। एक धर्म जो एक वर्ग शिक्षा से रोकता है, धन संचय को मना करता है, शस्त्र धारण करने को रोकता है एक धर्म न होकर मानव जीवन के साथ उपहास है। एक धर्म जो निरक्षर से निरक्षर बने रहने के लिए और गरीब से गरीब बने रहने के लिए, जोर डालता है धर्म न होकर एक दण्ड है।

मैंने यहां अपने सर्वोत्तम व ज्ञान से विस्तार से धर्म परिवर्तन से उठने वाली सभी सम्भावित समस्याओं का विश्लेषण करने की कोशिश की है। यह भाषण शायद लम्बा हो चुका है, लेकिन मैं फैसला ले चुका था कि इस विषय पर शुरू से विस्तार से कहूं। यह मेरे लिए आवश्यक था कि विरोधियों द्वारा धर्म परिवर्तन के बारे में