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भारत अभी भी एक राष्ट्र नहीं बन पाया है। यह देश लगभग 4000 जातियों में बंटा हुआ है। इसके अतिरिक्त जातिवाद, प्रांतवाद, धार्मिक मतभेद और असंख्य अन्य मतभेद और झगड़ों जैसी बुराइयां हैं जोकि देश को बांट रही हैं। इन विभाजनकारी शक्तियों के रहते इस बात का विश्वास हो पाना कठिन है कि भारत कभी भी संगठित हो पाएगा। हिंदुओं, मुसलमानों और ईसाइयों का कोई साझा लक्ष्य नहीं है। यह बात मानी जा सकती है कि वर्तमान स्थिति में ब्रिटिश राज समाप्ति पर आ गया है, लेकिन क्या ऐसे लोग जो एक राष्ट्र में विश्वास नहीं करते हैं और धार्मिक रूप से उन्मादी हैं तथा जाति के प्रति जागरूक हैं राजनीतिक शक्ति प्राप्त करने के लिए एक-दूसरे के विरुद्ध लड़ते नहीं रहेंगे?
वास्तविक और सच्ची स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए वास्तविक शक्ति की अनुपस्थिति में स्वतंत्रता के सपने देखना भी नुकसानदेह होगा।
वहीं दूसरी ओर हमारे और कांग्रेस के दष्ष्टिकोण में एक निश्चित अंतर है। कांग्रेस संवैधानिक सुधारो को पसंद नहीं करती है। वह सुधारों के खिलाफ है। विधान सभा में पहुंचने के पश्चात वह सुधारों पर अंकुश लगा सकती है। लेकिन, इस बात को ध्यान में न रखते हुए कि ये सुधार हमारी महात्वाकांक्षाओं और मांगों के अनुरूप नहीं है, हमने इन पर कार्य करने और इस अवसर को विधान सभाओं में हमें दिए गए अधिकारों से और अधिक अधिकार प्राप्त करने के लिए उपयोग में लाना पसंद किया है। यह वह समय नहीं है जबकि विधान सभा का उपयोग चालों और शरारतों के किसी खेल के मैदान के रूप में किया जाए।
आज कांग्रेस एक मिश्रित भीड़ की तस्वीर को प्रस्तुत करती है। कांग्रेस में निचले दर्जे के कुली, गरीब श्रमिक, किसान, छोटे-मोटे व्यावसायी, दुकानदारों से लेकर जमीनों के मालिक, सूदखोर, व्यापारी, मध्यमवर्गीय व्यक्ति, पूंजीपति और शोषणकर्ता पाए जाते हैं। संक्षेप में कांग्रेस में सभी प्रकार के परस्पर विरोधी हितों वाले व्यक्ति हैं। जो व्यक्ति गरीबों के खून पर तरक्की करते हैं, क्या वे कभी भी उत्पीडि़तों के मित्र हो सकते हैं? कांग्रेस संपन्न व्यक्तियों के हाथों का खिलौना है। भला वे गरीब
खेतिहरों, किसानों और कामगारों की मदद कैसे कर सकते हैं?
कांग्रेस किसानों और कामगारों की पार्टी नहीं है। कांग्रेस पूंजीपतियों की संरक्षक है। कांग्रेस के लिए कामकाजी वर्गों और आम आदमी के हितों की सुरक्षा करना और उन्हें बचाए रखना बहुत कठिन है।
इसके विपरीत हमारा संगठन - इंडिपेंडेंट लेबर पार्टी समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा के लिए तत्पर है।