144 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
कांग्रेस की तुलना में हमारी पार्टी के लिए किसानों और कामकाजी वर्गों के हितों की सुरक्षा करना और उन्हें बचाए रखना आसान होगा।
हमारी पार्टी का मुख्य उद्देश्य अस्पृश्यों, कामकाजी वर्गों, गरीबों और वंचित व्यक्तियों के हितों के लिए लड़ना है। अपने घोषित सिद्धांतों और नीतियों से समझौता किए बिना हम चुनावों को जीतने के लिए अन्य पार्टियों के साथ गठबंधन करेंगे।
अनेक बार यह प्रश्न पूछा जाता है कि मैंने अस्पृश्यों के हितों के मामलों को एक तरफ करते हुए अन्य व्यक्तियों के साथ कार्य करना क्यों चुना है। इस संबंध में मैं यह कहना चाहूंगा कि प्रस्तावित विधान सभा में नए संविधान के अनुसार चुने जाने वाले 175 सदस्य होंगे। इन 175 प्रतिनिधियों में से 15 अस्पृश्यों में से होंगे। इन 15 सदस्यों के लिए प्रभावशाली ढंग से कार्य कर पाना संभव नहीं है। इसीलिए हमारी सहायता के लिए बड़ी संख्या में व्यक्तियों का होना बहुत आवश्यक है। वे समान विचारों और सिद्धांतों वाले मित्र होने चाहिए। ऐसे गैर- अस्पृश्य, जिन्होंने अपने स्वयं के हितों का बलिदान करते हुए हमारे लिए हमारे साथ मिलकर लड़ाई लड़ी है और निष्ठा के साथ हमारी सहायता की है, उन्हें चुनाव लड़ने के लिए हमारी पार्टी (आईएलपी) के उम्मीदवार के रूप में हमारे द्वारा अपनाया जाना चाहिए। और इसलिए इस समय हमें अपना समय में व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए। अपनी पार्टी का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए हमें चुगली, छोटी-मोटी लड़ाइयों, व्यर्थ के क्रियाकलापों और विचार-विमर्शों को एकतरफ रख देना चाहिए। यदि आप सही ढंग से पार्टी के सिद्धांतों और इसकी भावना का अनुसरण करते हैं और इसे सफल करने के लिए निष्ठापूर्वक कार्य करते हैं तो मैं जो कुछ भी अपने साथियों के लिए प्राप्त करने में सक्षम हो पाया हूं वह आगे और भी सुदृढ़ होता जाएगा।
यदि मैं विधान सभा चुनावों में सफल नहीं होता हूं तो यह कोई बहुत बड़ी हानि नहीं होगी। लेकिन कुछ भी हो आपको ‘जी’ वार्ड से श्री कलोखे को अपने उम्मीदवार के रूप में जिताना है। यह हमारे लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न है।
इस समय मांग और महारों के बीच भदे-भाव न करें। जातिगत संकीर्ण सोच को भी कोई महत्व न दें। हम सब एक हैं और एकता की इस सच्ची भावना को हमें हमेशा अपने दिमाग में रखना है।
अब मैं एक अन्य महत्वपूर्ण मामले पर बोलने जा रहा हूं। मैंने अपने उम्मीदवारों में से अधिकांश महार समुदाय से लिए हैं और अन्य जातियों से अधिक उम्मीदवार नहीं लिए हैं। अगर स्पष्ट शब्दों में कहा जाए तो इस समय ऐसा करने के कारणों के संबंध में विस्तार से जानने की कोशिश करना बुद्धिमत्तापूर्ण न होगा।