146 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
ऐसी स्थिति में इस ‘हरिजन’ संगठन की क्या स्थिति होगी। मैं इसको अपने लिए आवश्यक अथवा उचित नहीं समझता हूं कि मैं आज इस संबंध में आपसे कुछ कहूं। क्या किसी ने भविष्य में इस प्रकार की उठने वाली स्थिति के संबंध में कोई प्रकाश डालने का प्रयास किया है? अब तक हमारे संघर्ष में सहयोग करने वाले और हमारी सहायता करने वाले एकमात्र व्यक्ति श्री शिवतरकर मास्टर हैं। वो चमार जाति में जन्म लेने वाले एक प्रमुख नेता हैं। दुर्भाग्य से उन्हें अभी तक चुनाव लड़ने के लिए नगर समिति से अनुमति नहीं मिली है। इसलिए उन्हें हमारी पार्टी के उम्मीदवार के रूप में नामित करना संभव नहीं है।
मैं समझता हूं कि विधान सभा में प्रवेश लेने के बजाय बाहर से काम करना ज्यादा बेहतर है। धर्म परिवर्तन का प्रश्न भी ज्वलंत प्रश्न बना हुआ है।
इसके बावजूद अपने लोगों की इच्छाओं का सम्मान करते हुए मैंने इंडिपेंडेंट लेबर पार्टी के एक उम्मीदवार के रूप में विधान सभा में प्रवेश करने का निर्णय किया है। मुझे यह पूर्ण विश्वास है कि हमारे इस निर्णय के कारण कांग्रेस हमारे रास्ते में बाधाएं उत्पन्न करने के सारे प्रयास करेगी। वास्तव में मुझे विधान सभा से बाहर रखने के उद्देश्य के साथ उन्होंने आज से ही अपने प्रयास प्रांरभ कर दिए हैं। इसलिए हममें से प्रत्येक को सतर्क एवं संगठित रहना होगा और अनुशासित ढंग से कार्य करना जारी रखना होगा। मुझे इस बार आपके सभी वोट चाहिए। यह न सोचिए कि विधान सभा के लिए चुने जाने के लिए मैं अपने सिद्धांतों का बलिदान करने जा रहा हूं।
आपको यह स्पष्ट तौर पर समझ लेना चाहिए और अपने मन में रखना चाहिए कि आपकी सहायता करने वाला कोई नहीं है। मैं आपको सलाह देना चाहूंगा कि आप किसी भी षड्यंत्र का शिकार न बनें। ऐसे समय पर आपको स्वार्थपरता, लालच और संकीर्ण मानसिकता को छोड़ना होगा। कुछ लोग जिन्हें पार्टी के उम्मीदवारों की सूची में स्थान दे पाना संभव नहीं हो सका है, उन्होंने आसानी से अपने पछतावे और निराशा में पार्टी से विघटन और अलग होने का रास्ता चुन लिया है। आपको अपने दिमाग में यह बात रखनी चाहिए कि वह वृक्ष जोकि हमें आश्रय, ठंडक और तरोताजा करने वाली छाया, आराम और सुरक्षा देता है, उसे पोषित और संरक्षित किए जाने की आवश्यकता है। मुझे विश्वास है कि आप कभी किसी भी प्रकार से इसकी शाखाओं को नष्ट करने का प्रयास नहीं करेंगे।
मुझे इस बात में संदेह है कि ऐसे सभी लोगों को जिनका नेतृत्व मुख्यतः स्वार्थ पूर्ण उद्देश्यों द्वारा किया जा रहा है और जिन्होंने हमारे उद्देश्य को नुकसान