42. 10.1.1938 किसानों और कामगारों को अपनी गरीबी के कारणों को समझना चाहिए। - Page 183

162 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

संबोधित किया। डॉ. अम्बेडकर ने एक बहुत जोरदार भाषण दिया। ‘‘उन्होंने कहा कि साम्यवाद पर उनके द्वारा पढ़ी गई पुस्तकों की संख्या सभी साम्यवादी नेताओं द्वारा कुल मिलाकर पढ़ी गई पुस्तकों की संख्या से कहीं ज्यादा है। ख्’, * लेकिन उनका यह विचार था कि साम्यवादी कभी भी प्रश्न के व्यावहारिक पक्ष की ओर ध्यान नहीं देते। उन्होंने टिप्पणी की कि दुनिया में केवल दो वर्ग हैं - वे जिनके पास कुछ है और वे जिनके पास कुछ नहीं है, धनी और गरीब, शोषक और शोषित। तीसरा वर्ग अर्थात मध्यम वर्ग बहुत छोटा है। इसलिए उन्होंने किसानों और कामगारों को उनकी गरीबी के कारणों के ऊपर विचार करने को कहा और उन्हें यह बताया कि वे शोषकों की अमीरी के नीचे दबे हुए हैं। उनके लिए एकमात्र रास्ता जातिपात का ध्यान रखे बिना एक सैनिक मोर्चा संगठित करना और विधायिका के लिए उनको चुनना है जो उनके वास्तविक प्रतिनिधि हैं। यदि वे ऐसा करते हैं तो उनके पास रहने को घर तथा वस्त्र होंगे और वे जो राष्ट्र के लिए भोजन और समृद्धि उत्पादित करते हैं, भूख से नहीं मरेंगे।’’ ख्1,

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12 जनता, 15 जनवरी, 1938 कीर, पृष्ठ 300-301