44. 13.2.1938 ट्रेड यूनियनों को अपने हितों की रक्षा के लिए राजनीति में प्रवेश करना चाहिए। - Page 186

165

मनमाड़ रेलवे स्टेशन के निकट श्री इब्राहिम ताजभाई सेठ के खुले मैदान में सम्मेलन के लिए एक बड़ा पंडाल लगाया गया और उसे ‘दलित-कामगार नगर’ का नाम दिया गया।

डॉ. बी. आर. अम्बेडकर उन दोनों दिन मनमाड़ में रुके। इस दौरान उन्होंने सताना और काजी संगावी का दौरा किया।

शनिवार 12 फरवरी को एक ‘युवा सम्मेलन’ का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता [∗] डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ने की। इस सम्मेलन में ‘इंडिपेंडेंट लेबर पार्टी’ के भावी कार्यक्रमों और सभी क्षेत्रों में इनके जोरदार कार्यान्वयन पर विचार-विमर्श किया गया।

युवा सम्मेलन की भांति ही श्रीमती मैना बाई शामराव भोले, जो पुणे की एक कामगार थीं, की अध्यक्षता में रविवार 13 फरवरी को शाम को तीन बजे एक ‘अछूत महिला सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन की स्वागत समिति की अध्यक्षा के रूप में श्रीमती वेनु बाई रविकांत जादव का चुनाव किया गया। डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ने इन महिलाओं को आंदोलन के बारे में संबोधित किया तथा उनका मार्गदर्शन किया।

इन दोनों दिनों के दौरान विभिन्न मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस सम्मेलन के लिए चालीस गांव से एक बैंड विशेष रूप से बुलाया गया। पंडाल में लाउडस्पीकर लगाए गए। सम्मेलन को अत्यधिक सफल बनाने के लिए श्री आर. आर. पवार, श्री. बंकर, श्री आहिरे, श्री खरे, श्री संसारे, श्री पाटिल, श्री सारोदे, श्री मोरे, श्री पगारे, श्री तेलुरे आदि ने अत्यधिक मेहनत की।

इस मौके पर ‘जनता’ साप्ताहिक और ‘इंडिपेंडेंट लेबर पार्टी’ के लिए सम्मेलन परिसर में अलग-अलग कार्यालय स्थापित किए गए, जिससे कि इन आंदोलनों से संबंधित जानकारी के साथ-साथ ‘जनता’ के लिए वार्षिक चंदा तथा ‘इंडिपेंडेंट लेबर पार्टी’ का सदस्यता शुल्क इकट्ठा किया जा सके।

Col1 Col2 Col3

12 और 13 फरवरी, 1938 को यह सम्मेलन सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। ‘दलित कामगार नगर’ की अच्छी सजावट की गई। लगभग बीस हजार

* युवा सम्मेलन में दिया गया भाषण पृष्ठ 193 पर उपलब्ध है - संपादक