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निवारण के लिए कोई शुरूआत नहीं की है। यह पहला मौका है जब वे अपनी आर्थिक शिकायतों पर विचार करने के लिए मिल रहे हैं। अभी तक वे केवल परियाह के रूप में मिलते थे। आज आप लोग कामगारों के रूप में मिल रहे हैं। मैं यह कहने के लिए तैयार नहीं हूं कि अपनी सामाजिक शिकायतों पर बल देने के हमारे प्रयासों पर ध्यान केन्द्रित करना गलत रहा है। और लोग कुछ भी कहें हमारी शिकायतें मौजूद हैं जिनके भार के कारण स्वयं हमारा पुरुषत्व ही पिस गया है। हम यह भी नहीं कह सकते कि हमारे विरोध का कोई फल प्राप्त नहीं हुआ। यह सच है कि हम छुआछूत को दूर करने में सफल नहीं हो सके। यह सच है कि हम कुछ अत्यधिक बुनियादी अधिकारों को जिसके लिए सभी व्यक्ति हकदार हैं, दिलाने में सफल नहीं हो सके। लेकिन यह भी सच है कि हमारा आन्दोलन इन अर्थों में सफल रहा है कि हमें अपनी राजनीतिक शक्ति प्राप्त हुई है। जिसके पास शक्ति है उसके पास स्वतंत्रता है, यह एक ऐसा अभिमत है जिसका कोई भी खंडन नहीं कर सकता। शक्ति एकमात्र ऐसा साधन है जिसके माध्यम से व्यक्ति स्वतंत्रता प्राप्त कर सकता है और सभी अवरोधों से मुक्ति पा सकता है और राजनैतिक शक्ति में एक ऐसी क्षमता मौजूद है जो, यदि धार्मिक अथवा आर्थिक शक्ति जितनी बड़ी नहीं है फिर भी काफी वास्तविक और कारगर है। खेद है कि दलित वर्गों को इस नए संविधान के अधीन जो राजनैतिक शक्ति प्राप्त हुई है वह हमारे शत्रुओं के तंत्रों तथा स्वयं हमारे लोगां के बीच लालची और लंपट व्यक्तियों की स्वार्थपरकता के कारण गंवा दी गई है। जिस शक्ति के पीछे कोई संगठन नहीं होता, जिस शक्ति के पीछे कोई चेतना नहीं होती, वह कोई शक्ति नहीं होती। मैं उम्मीद करता हूं कि एक दिन जो बहुत दूर नहीं है दलित वर्ग संगठित हो जाएंगे, उन्हें जो शक्ति प्राप्त हुई उसके बारे में जागरूक हो जाएंगे और वे उसे अपना सामाजिक उत्थान प्राप्त करने के लिए समझदारी से और प्रभावी रूप से प्रयोग करना शुरू कर देंगे।
हालांकि मैं यह कहने को तैयार नहीं हूं कि हमारे प्रयास गलत दिशा में रहे हैं, किंतु मैं यह स्वीकार करता हूं कि हमने जो आर्थिक समस्याएं हमारे सामने पेश आती हैं, बहुत लंबे समय से उन पर उतना महत्व नहीं दिया है जितना कि हम अपनी सामाजिक समस्याओं पर देते रहे हैं और इसलिए मैं इस बात से खुश हूं कि आज हम हरिजनों की तरह नहीं बल्कि कामगारों की तरह मिल रहे हैं। यह एक नया रास्ता है और मैं उन लोगों को बधाई देता हूं जिन्होंने उन पर चर्चा करने के लिए यह मौका उपलब्ध कराया है।
तथापि, ऐसे कुछ लोग हैं जिन्होंने इन प्रयासों में एक अशुभ लक्ष्य पाया