182 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
इसके पास एक कार्यक्रम है। जो हालांकि दलित वर्गों की कुछेक विशेष जरूरतों पर बल देता है लेकिन वह इतना व्यापक है कि सभी श्रमिक वर्गों की जरूरतें उसमें शामिल हैं। इंडिपेंडेंट लेबर पार्टी की उन्नति के मार्ग में आने वाली कठिनाइयों में से एक कठिनाई राजनैतिक नहीं बल्कि सामाजिक है। यह तथ्य कि इसके अधःस्तर अथवा केन्द्र में दलित वर्ग शामिल हैं, एकमात्र ऐसा कारण है जो दल की उन्नति और विस्तार के मार्ग में बाधा है। निचले वर्ग के लोगों जैसे कि दलित वर्गों के साथ न जुड़ने की आम भावना ने सवर्ण हिंदू कार्यकर्ता को आईएलपी के साथ जुड़ने से रोका है और मुझे यह कहने में दुख होता है कि ऐसे कई लोग जो इंडिपेंडेंट लेबर पार्टी की उन्नति के विरोधी हैं इस भावना का लाभ उठा रहे हैं और अज्ञानी तथा भ्रांत लोगों को इस पार्टी के साथ जुड़ने के लिए हतोत्साहित कर रहे हैं। लेकिन मेरा विश्वास है कि इंडिपेंडेंट लेबर पार्टी की सीधी और निष्ठापूर्ण राजनीति सभी श्रमिक वर्गों को अपने घेरे में लाने के लिए एक सशक्त चुंबक की तरह काम करेगी और हिंदू सामाजिक प्रणाली से पैदा होने वाली विनाशकारी शक्ति को प्रतिसंतुलित करेगी। इस पार्टी ने थाना, कोलाबा और रत्नागिरी--इन तीन जिलों में अपने आपको पहले ही स्थापित कर लिया है तथा किसानों और कामगारों के बीच अपना स्थान बना लिया है। यह पार्टी प्रांत के अन्य भागां में भी आगे बढ़ रही है। यह पार्टी सीपी और बरार प्रांत में काम कर रही है और मुझे आशा है कि भारत के बाकी प्रांतों में भी यह अपना स्थान बना लेगी। इसलिए इंडिपेंडेंट लेबर पार्टी एक मात्र ऐसी पार्टी है, जो श्रमिक वर्गों के समर्थन का औचित्य प्रमाणित करती है।
श्रम संगठन में दलित, भारत में आमतौर पर श्रमिकां की अगुवाई कर सकते हैं। इंग्लैंड में चार्टिस्ट आंदोलन के एक छात्र श्री गैमेज ने सही कहा है कि इस बात को लेकर शंका की जा सकती है कि सामाजिक उद्गम के बिना लोगों के बीच क्या कभी भी इतना विशाल राजनैतिक अभियान देखा गया था। मानव जाति का मुख्य लौकिक आकर्षण सामाजिक आनंद के साधन की प्राप्ति है। उनके अधिकार में इन साधनों को सुरक्षित करने और फिर राजनैतिक पृथक्करण के लिए उन्हें बहुत कम चिंता रहती है। बड़े सामाजिक कुकृत्य की मौजूदगी जनमानस को राजनैतिक अधिकारों के मूल्य की शिक्षा देती है। आपके कुकृत्य बड़े हैं, आपके कुकृत्य वास्तविक हैं। इसलिए आपकी राजनीति वास्तविक और सही हो सकती है। यदि आप यह महसूस कर लें तो वास्तविक राजनैतिक संगठन के मामले में आप भारत में सभी श्रमिक वर्गों के लिए प्रकाश स्तंभ की भांति होंगे। एक अन्य सेवा है जो आप आम श्रमिक वर्ग के लिए उपलब्ध करा सकते हैं। आपके पास विधायिका में प्रतिनिधित्व का एक आश्वस्त कोटा है। ऐसा लगता है कि कुछ मजदूर नेता आम श्रमिकों के लिए उस लाभ को महसूस