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नहीं कर पाते जो प्रतिनिधित्व का आश्वस्त कोटा प्रदान करता है। चुनाव जुआ होते हैं। चुनाव की कोई भी प्रणाली विधायिका में सामान्य तरीके से किसी भी दल को कोई प्रतिनिधित्व की आश्वस्त मात्रा प्राप्त नहीं करा सकती। इसके साथ-साथ कोई भी चुनाव प्रणाली मतदाताओं के किसी निकाय को संख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व प्रदान नहीं कर सकती। इंग्लैंड में चुनावों का इतिहास यह बताएगा कि विभिन्न दलों के लिए चुनावों के परिणाम किस कदर आश्चर्यजनक और विनाशकारी रहे हैं। अक्सर मतदाताओं की अल्पसंख्या अधिकांश सीटें प्राप्त कर लेती है। आश्वस्त कोटा की हमारी प्रणाली में इस तरह की विनाशकारी स्थितियों से बचाव रहता है। और जहां तक दलित वर्गों के प्रतिनिधित्व के आश्वस्त कोटे का संबंध है, यह केवल दलित वर्ग के लिए ही नहीं बल्कि समूचे श्रमिक वर्ग के लिए एक लाभकारी स्थिति है। प्रतिनिधित्व से आश्वस्त होने के कारण दलित वर्ग राजनैतिक संगठन के लिए अपने प्रयासों में अन्य श्रमिक वर्गों को अत्यधिक समर्थन प्रदान कर सकते हैं, यदि वे इस समर्थन का लाभ उठाने की फिक्र करते हों। श्रमिक वर्ग को राजनैतिक प्रतिनिधित्व दिलाने में आम श्रमिक वर्ग के लिए दलित वर्गों का समर्थन कितना महत्वपूर्ण हो सकता है, यह बात पिछले चुनावों से प्रमाणित हो गई थी। दलित वर्ग बंबई विधानसभा में सवर्ण हिंदुओं के तीन प्रतिनिधियों को जोकि आईएलपी टिकट पर खड़े हुए थे निर्वाचित कराने में सफल हो गई थी और उसने अनेक अन्य उम्मीदवारों की मदद की, जो इसके टिकट पर खड़े नहीं हुए थे, लेकिन जिन्हें दल ने मंजूरी प्रदान की थी। जो लोग हमारे प्रयासों से लाभान्वित होना चाहते हैं, वे ऐसा कर सकते हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि दलित वर्ग अपने आपमें इस देश की राजनीति में बहुत बड़ी भूमिका निभा सकते हैं और यह एक ऐसा भाग है जोकि स्वयं उनके लिए और आमतौर पर श्रमिक वर्गों के लिए अत्यंत सहायक हो सकता है।
तथापि, यह सब कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितनी अच्छी तरह और कितनी तेजी के साथ अपने आपको संगठित करते हैं। मैंने आपको यह बताया है कि आपको क्यों संगठित होना चाहिए और संगठन द्वारा आप क्या कर सकते हैं। अब मैं यह बताते हुए अपना वक्तव्य समाप्त करता हूं कि अपने संगठन की शुरूआत करें और तब तक इंतजार करें जब तक कि इसे प्राप्त नहीं कर लेते। आपने मुझे इस सम्मेलन की अध्यक्षता करने के लिए कहा जिस सम्मान के लिए मैं आपका धन्यवाद देता हूं और मैं आपकी पूरी सफलता की कामना करता हूं’। ख्1,
1 भारत भूषण प्रिटिंग प्रेस, 57, विसेंट रोड, दादर, बंबई-14 में प्रकाशित पुस्तिका