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अछूतों को स्वयं प्रयास करने होंगे
‘सोमवंशी हितकारक समाज, और तड़वाड़ी, मझगांव के अछूत निवासियों के तत्वावधान में 19 मार्च, 1938 को एक सार्वजनिक बैठक आयोजित की गई जिसका उद्देश्य इंडिपेंडेंट लेबर पार्टी के नेता - डॉ. बी. आर. अम्बेडकर तथा डॉ. पी. जी. सोलंकी को एक मानपत्र और एक थैली प्रदान करना था। आर. के. टटनिस, संपादक, विविध वष्त्त ने बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने तथा एम. एन. तलपाड़े, एच. टी. गायकवाड़ और बी. आर. अम्बेडकर ने मराठी में वक्तव्य दिए। लगभग 100 महिलाओं सहित लगभग 500 अछूतों ने इस बैठक में भाग लिया।
अपने वक्तव्यों के दौरान अध्यक्ष श्री एम. एन. तालपाड़े और एस. टी. गायकवाड़ ने अछूतों के हितों के लिए डॉ. बी. आर. अम्बेडकर और डॉ. पी. जी. सोलंकी द्वारा उपलब्ध कराई गई सेवाओं की याद दिलाई। इसके बाद अध्यक्ष द्वारा डॉ. अम्बेडकर को एक मानपत्र और एक थैली प्रदान कि गई। डॉ. पी. जी. सोलंकी उपस्थित नहीं थे, यह बताया गया कि वे बीमार हैं।
मानपत्र का उत्तर देते हुए डॉं. बी. आर. अम्बेडकर ने कहा कि अछूत लोगों को अपने उत्थान के लिए किसी अन्य व्यक्ति अथवा संगठन की सहायता के बिना स्वयं प्रयास करने होंगे। हालांकि कांग्रेस संगठन ने उनके हितों की सहायता करने का दावा किया था, लेकिन उसने कुछ भी नहीं किया। यही नहीं बल्कि ऐसे संगठनों ने ठीक उल्टा काम किया। इसका प्रमाण इस रूप में मिला कि मध्य प्रांतों में एक अछूत कन्या के साथ बलात्कार के जघन्य अपराध के लिए एक मुसलमान को दी गई सजा कम कर दी गई। इसके बाद उन्होंने बंबई में अछूतों के लिए एक हाल की जरूरत पर बल दिया और श्रोताओं से इस प्रयोजन के लिए चंदा देने की अपील की। उन्हांंने बताया कि उनके लिए बिरला अथवा बजाज जैसे लोगों से मिलकर अपेक्षित राशि इकट्ठा करना बहुत आसान है। लेकिन वे ऐसा करना और अनावश्यक रूप से उन्हें महत्ता प्रदान करना नहीं चाहते। इसके बाद उन्होंने कहा कि उन्हें जो थैली भेट की गई है, उसकी राशि इंडिपेंडेंट लेबर पार्टी की निधियों का अंग बन जाएगी।
समारोह रात्रि लगभग 10.30 बजे प्रारम्भ हुआ और रात के लगभग 12.30 बजे शांतिपूर्वक समाप्त हो गया।
ह./-
अधीक्षक एस.बी.,
सीआईडी 1 स्रोत सामग्री खंड 1, पृष्ठ 170-171 22 मार्च, 1938 ख्1,